
video : शौचालय के लिए गड्ढा खोद रहा था, अचानक ही ऊपर आ गिरी पानी की टंकी, वहीं हुई युवक की मौत
करौली.
यहां उपखंड क्षेत्र के मचेट गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में बनी पानी की टंकी दोपहर को अचानक ढह गई।
टंकी के मलबे के नीचे दबने से एक मासूम की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए सामान्य चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। हादसे के समय अन्य बच्चे भी चोटिल हो गए।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय में बनी पानी की टंकी पर शुक्रवार दोपहर को कक्षा चार का छात्र छोटू (७) पुत्र काडू एवं चौथी कक्षा का छात्र सागर (८) पुत्र भगवान सिंह पानी पीने गए थे। इसी दौरान पानी से भरी टंकी अचानक ढह गई। दोनों बच्चे टंकी के मलबे के नीचे दब गए। चीख-पुकार सुनकर स्कूल स्टाफ और ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और बच्चों को बाहर निकाला।
एम्बुलेंस की मदद से बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां छोटू को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं सागर के गंभीर चोट लगी हैं, जिसका उपचार अस्पताल में चल रहा है। हादसे की सूचना पर एसडीओ रामावतार कुमावत, सीएमएचओ डॉ. रामरूप मीना, पीएमओ, डॉ. सुशील मीना सहित अन्य चिकित्सक मौके पर पहुंच गए। अस्पताल चौकी के धारा सिंह ने बताया कि शाम को बालक के शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।
घटिया निर्माण ने ली जान
स्कूल में टंकी का निर्माण ग्राम पंचायत की ओर से करीब छह माह पहले कराया गया था, लेकिन इसमें खामियों के चलते पानी नहीं भरा गया था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हाल ही में करीब एक माह पूर्व टंकी के जीर्णोद्धार का काम कराया गया था, जो घटिया किस्म का था। शुक्रवार को टंकी बिना किसी दवाब के भरभरा कर ढह गई। हादसे में एक मासूम की जान चली गई। गांव के शिवराम जाटव एवं जितेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया कि टंकी का निर्माण कार्य बेहद घटिया किस्म का हुआ है। इसी का परिणाम है कि टंकी एक माह में ही धराशायी हो गई और एक बालक की जान चली गई।
ग्राीष्मावकाश में बनी टंकी
टंकी का निर्माण ग्राम पंचायत की ओर से स्कूलों की छुट्टी होने पर ग्रीष्मावकाश में कराया गया था। स्कूल प्रबंधन के अनुसार टंकी का निर्माण मई माह में हुआ था। यह टंकी दो माह में ही गिर गई और मासूस की जान ले ली। स्कूल प्रबंधन की ओर से अच्छी क्वालिटी का निर्माण कराने की बात कही गई थी, लेकिन ठेकेदार और ग्राम पंचायत ने इस मामले की अनसुनी कर दी।
अस्पताल में मचा कोहराम
घटना की सूचना मिलते ही गांव के लोग अस्पताल में इकट्ठा हो गए। बालक की मौत की खबर मिलते ही परिजन बिलख उठे। ऐसे में अस्पताल में कोहराम मच गया। छोटू की मां का रो-रोकर बुरा हाल था। मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
इनका कहना है
मैं स्कूल में नहीं था। मेरी जानकारी में आया है कि करीब दो बच्चे बच्चों की छुट्टी कर दी थी। स्कूल से निकलने के बाद बच्चे टंकी पर पानी पी रहे थे। इसी दौरान यह हादसा हुआ। पुरानी टंकी को हमने तुड़वा दिया था। यह टंकी मई माह में ही बनी है। टंकी के गिरने का कारण घटिया निर्माण ही हो सकता है।
- सियाराम जाटव, प्रधानाध्यापक राप्रावि मचेट
अभी बोरिंग का डिमांड नोटिस भी जमा नहीं हुआ था। टंकी हैण्डओवर नहीं की थी। निर्माणाधीन टंकी में ही स्कूल प्रबंधन ने स्टार्टर वगैरह लगाकर पानी भर दिया, जबकि डीपी लगने के बाद इसे हैण्डओवर किया जाना था। घटिया निर्माण के संबंध में ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- हरी सिंह, सरपंच, ग्राम पंचायत माची
दर्दनाक हादसा हुआ है। मौका देखकर तहसीलदार, डिप्टी एसपी, विकास अधिकारी एवं डीईओ को पत्र लिखे हैं। यह सभी अपने स्तर पर जांच कर रिपोर्ट देंगे। कार्यकारी एजेंसी ग्राम पंचायत थी। इस मामले में कहां गड़बड़ हुई है। इसकी जांच कराईजा रही है।
- रामावतार कुमावत, उपखंड अधिकारी करौली
Published on:
11 Jul 2018 11:24 pm
