
बायपास पर अटका आरओबी निर्माण फिर शुरू, रेलवे को भेजी ड्राईंग डिजायन,बायपास पर अटका आरओबी निर्माण फिर शुरू, रेलवे को भेजी ड्राईंग डिजायन,बायपास पर अटका आरओबी निर्माण फिर शुरू, रेलवे को भेजी ड्राईंग डिजायन,बायपास पर अटका आरओबी निर्माण फिर शुरू, रेलवे को भेजी ड्राईंग डिजायन
हिण्डौनसिटी. करीब तीन दशकों से संवेदकों की लापरवाही से अधर में अटका महवा-करौली बायपास पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण को अब पंख लगने वाले हैं। कार्यकारी एजेंसी आरएसआरडीसी (राजस्थान स्टेट रोड डवलपमेन्ट एण्ड कन्सट्रेक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड़) की सख्ती के बाद निर्माण करा रही दिल्ली की पीआरएल प्रोजेक्टस एण्ड इन्फ्रास्ट्रेक्चर लिमिटेड कंपनी ने गुरुवार से बंद पड़ा आरओबी निर्माण फिर से शुरू करा दिया है। इसके साथ ही पीआरएल ने डिजायन और ड्राईंग को स्वीकृति के लिए रेलवे मंडल कोटा के वरिष्ठ मंडल अभियंता को भेज दिया है। आरएसआरडीसी को भेजे नोटिस के जवाब में निर्माण कंपनी पीआरएल ने दावा किया है कि रेलवे ट्रेक पर डाले जाने वाले कंपोजिट गर्डर डालने की पूरी की तैयारी कर ली है, स्वीकृति मिलते ही गर्डर डाला जाएगा। पीआरएल ने आरओबी निर्माण को तीव्र गति देने के लिए आरएसआरडीसी पर बकाया चल रहे विभिन्न कार्यों के शेष साढ़े तीन करोड़ रुपए का भुगतान करने की मांग की है।
पीआरएल के साईट इंचार्ज अशोक कुमार डागुर ने बताया कि भुगतान नहीं मिलने के कारण आरओबी का निर्माण कार्य रोका गया था। लेकिन आरएसआरडीसी अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद फिर से निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। मौके पर स्टील, स्टाफ, लेबर, प्लांट, मशीनरी भी भेजे जा रहे हैं। लगभग छह माह में आरओबी निर्माण पूरा करा दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि राजस्थान पत्रिका ने गुरुवार के अंक में ‘चार दिन में निर्माण शुरू नहीं किया तो जब्त हो हो जाएंगे संवेदक के एक करोड़’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था।
नोटिस से हरकत में आई निर्माण कम्पनी-
उल्लेखनीय है कि 31.35 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले आरओबी निर्माण संवेदकों की आपसी खींचतान की वजह से अटका पड़ा था। इसको लेकर दो सितम्बर को आरएसआरडीसी ने निर्माण कम्पनी को नोटिस जारी कर चेताया था कि आठ सितम्बर तक निर्माण शुरु नहीं किया तो एक करोड़ की अमानत राशि को जब्त कर अन्य संवेदक को निविदा जारी कर दी जाएगी। इस पर पीआरएल ने आरएसआरडीसी के परियोजना निदेशक बीडी इन्दौरा को भेजे जवाब में निर्माण कार्य शुरू कराने की बात कही है।
बकाया चल रहे साढ़े तीन करोड़-
आरएसआरडीसी द्वारा विभिन्न निर्माण कार्यों के एवज में कंपनी को करीब साढ़े तीन करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया है। आर्थिक मंदी के कारण आरओबी निर्माण रोकना पड़ा था। अब फिर से निर्माण शुरू कर बकाया भुगतान की मांग की गई है।
कुलदीप यादव, प्रोजेक्ट इंचार्ज पीआरएल कम्पनी, जयपुर।
Published on:
06 Sept 2019 05:00 am
