
कलक्टर के इस फैसले के विरोध में उतरे शिक्षक संघ
करौली.
करौली में रियासतकालीन समय से शिक्षा की अलख जगाने वाले जिला शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) के भवन को खाली कराने के बाद दूसरे विभागों को आवंटित करने के मामले में पत्रिका टीवी की ओर से डाइट परिसर में टॉक-शो रखा गया। इस दौरान शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन के फैसले के खिलाफ नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन मनमाने तरीके से भवन को खाली कराके दूसरे विभागों के लिए आवंटित करने पर आमदा है, जिससे शिक्षक संगठनों में नाराजगी पनपी है। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि प्रशासन ने भवन को खाली कराने की कोशिश की तो आन्दोलन किया जाएगा। उन्होंन डाइट के भवन में ही शिक्षा संकुल बनाने की मांग की।
गौरतलब है कि डाइट के भवन को जिला प्रशासन खाली कराके उसे दूसरे स्थान पर भेजना चाहता है। इसके आदेश भी जिला कलक्टर ने जारी कर दिए है। इसका खुलासा राजस्थान पत्रिका ने किया था।
नहीं माने तो आन्दोलन भी करेंगे शिक्षक
संघ राष्ट्रीय के जिलाध्यक्ष दिनेश पचौरी ने कहा कि यह शिक्षा का भवन है, इसे खाली नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मनमाने तरीके से खाली कराया गया तो शिक्षक आन्दोलन करेंगे।
शिक्षा की उपेक्षा
करौली शिक्षक संघ प्रगतिशील के जिलाध्यक्ष रामनिवास पाराशर ने कहा कि शिक्षा विभाग की उपेक्षा की जा रही है, शिक्षा के भवन को छीनकर दूसरे विभागों को देना गलत है। इसी कार्यालय में शिक्षा संकुल खोला जाना चाहिए। इससे
भवन में शिक्षा संकुल खुले
शिक्षक संघ प्रगतिशील के प्रदेश मंत्री गोविन्द व्यास ने इस भवन को स्थानान्तिरत करने के बजाय, इसमें शिक्षा संकुल खोलने की मांग की। उन्होंने कहा कि कलक्टर के निर्णय का जोरदार तरीके से विरोध किया जाएगा।
इस भवन से नहीं हो छेड़छाड़
यह एतिहासिक भवन है, जिससे किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं हो। इसमें जो कार्यालय खुल गए है, उन्हें हटाया जाना चाहिए तथा शिक्षा संकुल खुले।
अमृतलाल छाबड़ा
जिलाध्यक्ष अम्बेडकर शिक्षक संघ करौली
Published on:
10 Apr 2019 09:46 pm
