
Kasganj Sciene
कासगंज। उत्तर प्रदेश के जिला कासगंज की सड़कें आज खाली दिखाई दीं। जो चौराहे वाहनों के हॉर्न की आवाज और लोगों की भीड़ से भरे दिखाई देते थे, उन सड़कों पर पुलिस के जवान नजर आ रहे थे। न कोई फेरी वाला था और नाहीं बस से राहगीरों को सफर कराने वाले रिक्शा चालक। कुछ लोग घरों से निकले हुए थे, इधर उधर पुलिस के जवान उन्हें अहसास करा रहे थे, कि कासगंज में सबकुछ ठीक नहीं है।
ये भी पढ़ें -
सुबह से लेकर शाम तक का हाल
कासगंज से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर सोरों में गंगा जी बहती हैं, इसके चलते यहां बाहर से आने वाले लोगों की इस शहर में भीड़ भी अधिक रहती है। दूर दराज से आने वाले लोग इस शहर में रुकते भी हैं, लेकिन 26 जनवरी को कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान हुई हिंसा ने सबकुछ बदलकर रख दिया। चार दिन का सन्नाटा लोगों को बैचेन करता दिखाई दिया। सड़कों पर कुछ लोग और पुलिस के जवान नजर आ रहे थे। बिलराम गेट खाली पड़ा हुआ था। एक साइड से पुलिस के जवानों की टुकड़ी अपना ढेरा जमाए बैठी थी। नदरई गेट भी पूरी तरह खाली नजर आ रहा था।
ये भी पढ़ें -
दहशत बरकरार
पुलिस अधिकारी दावा कर रहे हैं, कि कासगंज में सबकुछ सामान्य है। लेकिन हालात देखें जाएं, तो स्थिति वास्तव में पुलिस के नियंत्रण में हैं, लेकिन सामान्य कुछ भी नजर नहीं आ रहा है। घटना के पाचवें दिन पत्रिका टीम कासगंज में रही। यहां लोगों से बातचीत की। नदरई गेट के पास का हाल देखा। बताया गया कि ये चौराहा इतना शांत कभी भी दिखाई नहीं दिया। यहां हर समय जाम की स्थिति नजर आती थी। सड़क के साइट से खड़े रिक्शा चालक और आॅटो वालों की भीड़ के अलावा फेरी वालों का हुजूम यहां रहता था। शाम होते ही बड़ी संख्या में इस चौराहे के आस पास लोग नजर आते थे। पास में ही सब्जी मंडी है, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग यहां सब्जियां खरीदने भी आते थे, लेकिन कासगंज में हुई हिंसा के बाद अभी भी लोगों के मन में एक भय का माहौल बना हुआ है।
ये भी पढ़ें -
Published on:
31 Jan 2018 09:16 am
बड़ी खबरें
View Allकासगंज
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
