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ट्रेन से 167 बच्चों को बिहार से महाराष्ट्र लेकर जा रहा था ‘सद्दाम’, RPF ने ऐसे किया रेस्क्यू

MP news: मध्य प्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर पटना–पूर्णा एक्सप्रेस से 167 नाबालिगों का रेस्क्यू। बिहार से लातूर ले जाए जा रहे थे बच्चे।

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कटनी

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Akash Dewani

Apr 11, 2026

167 minors rescued from Patna–Purna Express at Katni Station Human Trafficking Suspicions MP news

167 minors rescued from Patna–Purna Express at Katni Station (फोटो- Patrika.com)

MP news: रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी ने शनिवार को मध्य प्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई की। आरपीएफ और जीआरपी ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पटना–पूर्णा एक्सप्रेस ( Patna–Purna Express) से करीब 167 नाबालिग बच्चों को उतारकर सुरक्षित संरक्षण में लिया। मिली जानकारी के अनुसार ये बच्चे बिहार के अररिया क्षेत्र से महाराष्ट्र के लातूर ले जाए जा रहे थे। बच्चों के पास यात्रा के संबंधी आवश्यक दस्तावेज, टिकट और समुचित व्यवस्था नहीं मिलने पर संदेह गहराया, जिसके बाद संयुक्त टीम ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन अंजाम दिया। बच्चों को सद्दाम नाम का एक व्यक्ति एक राज्य से दूसरे राज्य में ले रहा रहा था। पुलिस मामले की मानव तस्करी के एंगल से भी जांच कर रही है।

समिति को पहले ही मिल गई थी सूचना

सूत्रों के मुताबिक, बाल कल्याण समिति को पहले से सूचना मिली थी कि बड़ी संख्या में बच्चों को संदिग्ध परिस्थितियों में ट्रेन से बाहर राज्य ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी अलर्ट हो गईं और कटनी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर ट्रेन के पहुंचने का इंतजार किया गया। ट्रेन रुकते ही सुरक्षा बलों ने कोचों की घेराबंदी कर तलाशी शुरू की और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।

बिहार से महाराष्ट्र ले जा रहा था 'सद्दाम'

रेस्क्यू के दौरान बच्चों के साथ मौजूद सद्दाम नामक व्यक्ति ने बताया कि वह उन्हें लातूर स्थित एक मदरसे में तालीम के लिए ले जा रहा था और पिछले कई वर्षों से यह कार्य कर रहा है। हालांकि, बच्चों के यात्रा प्रबंध, अभिभावकों की अनुमति, दस्तावेज और ठहरने-खाने की व्यवस्था को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से मामला संदिग्ध बना हुआ है।

बच्चों के परिजनों को किया जा रहा संपर्क

चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर मनीष तिवारी ने बताया कि सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई की गई है। सभी बच्चों की काउंसलिंग की जा रही है और उनके अभिभावकों से संपर्क स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बच्चों की उम्र, पहचान और यात्रा के उद्देश्य की पुष्टि के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।

बच्चों से की जा रही पूछताछ

आरपीएफ थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह के अनुसार, बच्चों के साथ मौजूद लोगों से पूछताछ जारी है। बच्चों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं ताकि पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके। फिलहाल कुछ बच्चों को कटनी में और कुछ को जबलपुर में सुरक्षित रखा गया है, जहां उनकी देखरेख बाल संरक्षण इकाइयों द्वारा की जा रही है।

मानव तस्करी की जताई जा रही आशंका

प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला वैध शैक्षणिक गतिविधि का है या फिर इसमें किसी प्रकार की अनियमितता या मानव तस्करी जैसी आशंका शामिल है। फिलहाल सभी एजेंसियां समन्वय बनाकर मामले की तह तक जाने में जुटी हुई हैं।