
Children suffering from malnutrition in Katni district
कटनी. जिले के मासूम बच्चों में पनपे कुपोषण को मिटाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग 26 जनवरी से एक और पहल शुरू करने जा रहा है। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। पहले स्टेज में 350 बच्चों को सुपोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। जिले में इसके लिए 40 'आंगन केंद्रÓ खोले जाने की योजना बनाई गई है। बता दें कि जिले की आंगनवाड़ी केंद्र में एक लाख 15 हजार 489 बच्चे दर्ज हैं। इसमें से 1 लाख 15 हजार 802 बच्चों का वजन कराया गया है। इसमें 21 हजार 202 बच्चे कम वजन के याने कि कुपोषित और 2 हजार 418 बच्चे अति कम वजन याने की अति कुपोषण का दंश झेल रहे हैं। ऐसे बच्चों को एनआरसी के माध्यम से सुपोषित किया जा रहा है, लेकिन एनआरसी केंद्रों में बेड की संख्या कम होने के कारण बच्चे सुपोषित नहीं हो रहे। इसके लिए यह नवाचार किया जा रहा है। इस योजना में जिले के चार विकासखंड चयनित किए गए हैं। योजना में विजयराघवगढ़, रीठी, ढीमरखेड़ा व मुड़वारा शामिल है।
यह होगी पहल
जिन आंगनवाड़ी केंद्रों के तहत 5 से अधिक बच्चे अति कम वजन के हैं वहां पर आंगन केंद्रों को खोला जा रहा है। यहां पर डे-केयर सेंटर की तर्ज पर बच्चों की मॉनीटरिंग होगी। बच्चों अपनी मां व अभिभावक के साथ दिनभर रहेंगे। यहां पर दोनों को नाश्ता, भोजन व थर्डमील दिया जाएगा। देखरेख के लिए शाला त्यागी व कक्षा दसवीं पास स्थानीय सहयोगिनी रखी जाएगी। यहां पर साप्ताहिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
खास-खास:
- ढीमरखेड़ा में 430, मुड़वारा में 402, रीठी में 344, विगढ़ में 371 बच्चे हैं अतिकुपोषित।
- जिन स्थानों पर जगह नहीं हैं वहां पर किराये से लिए जाएंगे मकान, खुलेंगे केंद्र।
- तीन माह के लिए रखी जाएंगी आंगन केंद्र सहयोगिनी, सभी बच्चों के लिए बेड का हो रहा इंतजाम।
- नवंबर माह से 166 अति कुपोषित व 1099 कम वजन के बच्चों में हुआ है सुधार।
इनका कहना है
जिले में कुपोषित बच्चों को सुपोषित करने के लिए जिले में 40 आंगन केंद्र खुलने हैं। इसके लिए तैयारी की जा रही है। विशेष अभियान चलाकर व एनआरसी के माध्यम से बच्चों को सुपोषित किया जाएगा।
नयन सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग।
Published on:
17 Jan 2020 12:33 pm
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