
Answer to seven questions necessary for number one Sanitation ranking
कटनी. राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता में इंदौर का नाम सुर्खियों में है। इसी मॉडल को आजमाने अब कटनी नगर निगम लगा है। शहर को स्वच्छता में नंबर-1 लाने का दारोमदार अब सुविधाओं में नहीं बल्कि शहरवासियों पर है। शहर में आवश्यकता के अनुसार नगर निगम सामुदायिक शौचालय, घरेलू शौचालय, कचरे का उचित निपटान सहित शहर की सफाई में वर्तमान में बेहतर स्थिति में है। हाल ही में जारी हुई स्वच्छता रैंकिंग में देशभर में 36वें स्थान पर है। ऐसे में अब स्वच्छता सर्वेक्षण टीम द्वारा दागे जाने वाले सात सवालों पर जनता सही मुहर लगा देती है तो स्टार रेटिंग के अनुसार कटनी शहर स्वच्छता में बाजी मारेगा। बता दें कि कटनी में स्वच्छता की अंतिम नब्ज टटोलने के लिए 4 जनवरी से 4 फरवरी के बीच दिल्ली की टीम औचक निरीक्षण करेगी। इन तिथियों के बीच में सर्वे का काम होगा। उल्लेखनीय है कि सफाई में पासिंग माक्र्स के लिए नगर निगम को 6 हजार अंक प्राप्त करने है। अभी तक 500 अंक प्राप्त कर लिए हैं। ये अंक ओडीएफ प्लस-प्लस के मिले हैं। अंतिम सर्वे में 5500 अंक हालिस करने की बड़ी चुनौती है। अब एक बार फिर स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 की तैयारियां प्रारंभ की गई हैं, इस बार भी निगम को भरोसा है कि बेहतर रैंक हासिल करेगा। आगामी सर्वे में कई चुनौतियां बढ़ा दी गई हैं, पहले की अपेक्षा अब अधिक मेहनत की जरूरत है। निगम प्रशासन का दावा है कि डाक्यूमेंटेशन और सफाई की व्यवस्था तो वह करा लेंगे लेकिन सिटीजन फीडबैक और कचरा नहीं फैले इसके लिए शहर के लोगों को भी आगे आना होगा।
इनमें मिलने हैं 5500 अंक
शहर में स्वच्छता के लिए एक हजार अंक ओडीएफ के मिलने हैं। ये अंक आसानी से हासिल हो जाएंगे क्योंकि लक्ष्य के अनुसार 100 से ज्यादा प्रसाधन तैयार हुए हैं। इसमें कचरा मुक्त शहर भी शामिल रहेगा। 1500 अंक सेवा स्तर के मिलने हैं। इसमें डोर-टू-डोर कचरा, सेग्रीकेशन, कचरा प्लांट, सेनीटेशन, जागरुकता कार्यक्रम के मिलने हैं। इसमें भी नगर निगम बहुत आगे है। 1500 अंक नागरिकता प्रतिक्रिया हैं, इसमें भी नागरिकों का फीडबैक सकारात्मक आने पर शहर का बेड़ा पार हो सकेगा।
नगर निगम हर माह सफाई के लिए कर रहा यह काम
- 40 लाख रुपये कचरा कलेक्शन में एमएसडब्ल्यू को किया जा रहा भुगतान।
- 05 लाख 20 हजार रुपये एमएसडब्ल्यू मॉनीटरिंग एजेंसी पर कर रहा खर्च।
- 01 करोड़ रुपये स्वास्थ्य विभाग स्वच्छता दूतों व कर्मचारियों को दे रहा वेतन।
- 50 लाख रुपये प्रसाधन, सफाई सामग्री सहित अन्य उपयोग में हो रहे खर्च।
- 37 बनाए हैं सामुदायिक शौचालय, 5100 घरेलू शौचालयों का हुआ है निर्माण।
- 650 स्वच्छता दूत, अधिकारी-कर्मचारी लगाए गए स्वच्छता कार्य में।
ये चुनौतियां कर रहीं स्वच्छता में पीछे
- शहर का व्यापारी कचरा गाड़ी को कचरा देने की बजाय दुकान बंद करते समय सड़कों पर फेंकता है कचरा, जलाने के साथ अलग-अलग नहीं रखते कचरा।
- शिक्षा, यात्री, स्वास्थ्य व व्यापार करने के लिए आने वाले बाहरी लोग शहर में स्वच्छता को नहीं करते स्वच्छता नियमों का पालन।
- नगर निगम कचरा फैलाने वालों पर नहीं कर रही कार्रवाई, डस्टविन रखवाने के लिए भी चलाई गई मुहिम पड़ी है ठंडी।
- यूजर चार्ज बड़े कारोबारियों पर बढ़ाने, स्वच्छता शुल्क वसूलने में अमला नहीं दे रहा ध्यान, राजस्व सबसे बड़ी बना चुनौती।
- शहर में मनमानी निर्माण, सड़क पर व्यापार, कुछ सफाई कर्मचारियों की सफाई में लापरवाही, अवैध कॉलोनियों में अधूरा निर्माण बन रहा समस्या।
इन बातों पर ध्यान देना आवश्यक
- हर नागरिकों को अपनाना होगी स्वच्छता।
- डस्टबिन में रखना होगा घर व दुकान का कचरा।
- हर दिन कचरा गाड़ी को ही देना होगा कचरा।
- अलग-अलग घर पर रखना होगा कचरा।
- गंदगी फैलाने वालों पर करने होगी रोकटोक।
- खुले में शौच व निस्तार वालों पर सख्ती।
- जन जागरुकता के लिए प्रेरणादायी आयोजन।
ये सात सवाल दिलाएंगे 1100 नंबर
प्र. सवाल अंक
01 क्या आपका शहर एसएस 2020 में भाग ले रहा है 100
02 पड़ोस में स्वच्छता पर आप कितना अंक देंगे 200
03 सार्वजनिक व व्यवसायिक क्षेत्र में सफाई के क्या अंक देंगे 200
04 सूखा व गीला कचरा अलग-अलग देने कहा जाता है 200
05 शहर विभाजक को पौधों से आच्छादित किया है क्या 100
06 सार्वजनिक व सामुदायिक शौचालय में कितने अंक देंगे 200
07 शहर के ओडीएफ व कचरा मुक्त को जानते हैं 100
प्रमुख सचिव ने स्वच्छता के लिए सराहा
प्रमुख सचिव, नगरीय विकास एवं आवस मध्यप्रदेश शासन संजय दुबे ने निगामयुक्त आरपी सिंह को पत्र प्रेषित कर प्रशंसा की है। उल्लेख किया है कि स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) अतंर्गत आपके नगर निगम कटनी में किए जा प्रभावी प्रयास सराहनीय हैं। आयुक्त द्वारा खुले में शौच को रोकने की प्रतिबद्धता के साथ अपनी निकाय को स्वच्छता के उच्च मानदण्ड स्थापित करने के लिए ओडीएफ का प्रमाणीकरण प्राप्त किया है। इस कार्य के लिए बधाई के पात्र हैं। मुझे आशा है कि स्टार रेटिंग प्रोटोकॉल अंतर्गत आप अपने निकाय को 5 स्टार के प्रमाणीकरण के लिए निंरतर प्रयास कर रहे होंगे। मुझे विश्वास है कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 में आप अपनी निकाय को उच्च पायदान पर ले जाने सक्षम होगें।
इनका कहना है
स्वच्छता की ओर नगर निगम ने बीते चार वर्षों के अंतराल में इस वर्ष तेजी से कदम बढ़ाया है। केन्द्र सरकार द्वारा जारी की जाने वाली रैंकिंग में सुधार हुआ है। इसके साथ ही लोगों में भी स्वच्छता को लेकर यह जिम्मेदारी का अहसास हुआ है कि यह अपना शहर है। पहले की तुलना में कम कचरा फैल रहे हैं और पहल करने आवश्यक है।
आदेश जैन, नोडल अधिकारी, स्वच्छता।
शहर में स्वच्छता के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। स्वच्छता रैंकिंग में बेहतर स्थिति है। सामुदायिक शौचालय, घरेलू शौचालय के साथ डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन हो रहा है। शहरवासियों को और जागरुक किया जा रहा है। गंदगी करने वालों पर अब सख्ती भी होगी। सभी शहरवासियों को स्वच्छता में आगे आने की आवश्यकता है।
आरपी सिंह, आयुक्त नगर निगम।
Published on:
04 Jan 2020 12:01 pm
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