
Indecency of entering a girls hostel, six MBBS students suspended
कटनी. जिले में संचालित एससी-एसटी छात्रावासों में चार माह से राशि नहीं पहुंची। ऐसे में अधीक्षकों के सामने छात्रावासों के संचालन में बड़ी समस्या जा रही है। अधीक्षकों का कहना है कि अब तो दुकानदार भी उधारी देने से हाथ खड़े कर चुके हैं। चार माह जैसे-तैसे काम चला, लेकिन अक्टूबर माह में आधीक्षकों को बड़ी दिक्कत हो रही है। हैरानी की बात तो यह है जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग सरिता नायक बेखबर हैं। सैकड़ों बच्चों के समक्ष भोजन का संकट खड़ा है और विभागीय अधिकारियों व जिम्मेदार अफसरों को इससे कोई सरोकार नहीं है। अधीक्षकों का कहना है कि जब भी वे जिला कार्यायल जाते हैं तो अधिकारियों द्वारा कह दिया जाता है कि पूरा सिस्टम ऑनलाइन हो रहा है। अभी कुछ दिन और लगेंगे, यह कहकर चलता कर दिया जाता है। ऐसे में व्यवस्था संभालना मुश्किल हो रहा है।
शिष्यवृत्ति से भी वंचित विद्यार्थी
विद्यार्थियों को हर माह विभाग द्वारा शिष्यवृत्ति दी जाती है। जिससे वे अपनी जरुरतों को पूरा करते हैं। दीपावली जैसा त्योहार होने के बाद भी विभाग के अफसरों ने राशि जारी करना मुनासिब नहीं समझा। ऐसे में विद्यार्थी अभाव के बीच छात्रावासों में रहने को विवश हैं।
दीपावली का समय है...
इस मामले में छात्रावास अधीक्षकों का कहना है कि तीन माह तक उधार में सामग्री तो दुकानदारों ने दे दी, लेकिन अब साफ हाथ खड़े कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है दीपावली का समय है। उधारी बंद है। साथ ही कबतक इतना उधार देते रहेंगे। ऐसे में छात्रावास की व्यवस्था एकदम गड़बड़ा रही है। सबसे ज्यादा समस्या खाद्यान सामग्री को लेकर हो रही है। लगातार विभागीय अधिकारियों से चर्चा करने के बाद भी कोई हल नहीं निकल रहा।
इनका कहना है
इस मामले में तत्काल विभागीय अधिकारी से चर्चा की जाएगी। आखिरकार क्यों अबतक बजट नहीं आया। छात्रावास में रहने वाले बच्चों को दिक्कत न हो शीघ्र पहल की जाएगी।
शशिभूषण सिंह, कलेक्टर।
Updated on:
25 Oct 2019 12:20 pm
Published on:
25 Oct 2019 12:18 pm
बड़ी खबरें
View Allकटनी
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
