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कटनी. घर पर गाड़ी, अलीशान मकान, सुख-सुविधाओं की सामग्री, पर्याप्त मात्रा में जमीन, अच्छी खासी आमदनी...। patrata parchi verification यदि ऐसे लोग रसूख के चलते गरीब होने का श्वांग रचकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं तो आज से उनकी 'सामत' है। जिले में दो लाख 15 हजार 108 है परिवार गरीबी रेखा के नीचे वाली श्रेणी में हैं। खासकर वे लोग जो गरीब बनकर पात्रता पर्ची प्राप्त करते हुए खाद्य विभाग से हर माह कई किलो राशन सस्ते दाम में प्राप्त कर रहे हैं और जरुरतमंदों वाली योजना का फायदा उठा रहे हैं। verification of eligibility slips of food department, गरीबों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने और अमीरों को गरीबी रेखा सूचा से अलग करने जिलेभर में अभियान चलेगा। इसके लिए 1700 से अधिक दल सत्यापन कार्य करेंगे। एक पंचायत में दो सदस्यीय सत्यापन दल सत्याप करेगा। जिस ग्राम पंचायत में 200 से अधिक परिवार हैं तो फिर दो दल बनेंगे। 407 ग्राम पंचायतों के लिए दल गठित किए गए हैं। इन दलों को खाद्य विभाग पात्रता पर्चियों की कॉपी मुहैया कराएगा, जिसके माध्यम से डो-टू-डोर सत्यापन करेंगे। इस पूरे अभियान को पहले मैनुअली करना था, लेकिन 4 सितंबर को पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है। फील्ड में भी कर्मचारी को ड्यूटी का आदेश, सत्यापन करने के लिए स्थान की जानकारी मिलेगी। वहीं पोर्टल में ही रिपोर्ट अपडेट करने पड़ेगी। 10 दलों पर एक सुपरवाइजन तैनात किए गए हैं, जो सत्यापन कार्य की मानीटरिंग करेंगे। अपात्रों की सूची पोर्टल में अपडेट कर दावा आपत्ति प्राप्त करते हुए समस्या का निराकरण किया जाएगा।
खास-खास:
- एक साल में खाद्य विभाग ने 8 हजार 932 अपात्रों का नाम किया है अलग, गलत तरीके से ले रहे थे लाभ।
- परिवार को सत्यापन के दौरान किस योजना के तहत पात्र है वह प्रमाणपत्र दिखाना किया गया है अनिवार्य।
- दस्तावेज न होने पर परिवार को डाला जाएगा संदेश ही श्रेणी में, इसके बाद दावा-आपत्ति का दिया जाएगा समय।
- एसडीएम, तहसीलदार व नगरीय निकाय संदेश वाले परिवारों का करेंगे एक बार फिर सत्यापन।
- शहर के 45 वार्ड, बरही, विजयराघवगढ़ और कैमोर के 45 वार्डों में शुरू होगा पात्रता पर्ची का सत्यापन।
अभी यह है पात्र परिवारों की स्थिति
जिले में 26 हजार 107 परिवार एससी और एसटी के हैं। जिनकी सदस्य संख्या एक लाख 13 हजार 760 है। अनाथ आश्रम में 68, एससी 106, एसटी 93, एएवाय 10 हजार 620, केश शिल्पी 35, पंजीकृत चालक-परिचालक 46, बंद पड़ी मिलों में नियोजित श्रमिक 52, बीपीएल कार्डधारी हैं एक लाख 52 हजार 150 जिनकी सदस्य संख्या 6 लाख 79 हजार 427 है। बीपीएल एएवाय के 584, बीड़ी श्रमिक 4 हजार 897, बुनकर एवं शिल्प 10, भवन एवं संनिर्माण 12 हजार 643, भूमिहीन कोटवार 3, मंदबुद्धि, बहुविकलांग 511, मछुआरे 53, मजदूर सुरक्षा 3 हजार 353, कुली 18, वनाधिकार प्राप्त पट्टाधारी 303, ठेला चालक 13, घरेलू कामकाजी महिला 40, सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारी 3 हजार 465, हम्माल एवं तुलावटी 66 हॉकर 41 हैं। जिले में कुल पात्र परिवार 2 लाख 15 हजार 108 हैं।
संसोधन का भी होगा काम
इस अभियान के तहत यदि किसी परिवार में सदस्य की संख्या कम हो गई है तो उसमें सुधार किया जाएगा। इसके अलावा सदस्य विस्थापित हो गया है, या कहीं अन्य जगह शिफ्ट हो गया है, लड़की का विवाह हो गया है, किसी की मृत्यु हो गई है या फिर किसी कारण से सदस्यों की संख्या कम ज्यादा हुई है तो उसपर काम होगा।
इनका कहना है
जिले में पात्रता पर्ची वाले सदस्यों की संख्या 2 लाख 15 हजार से अधिक है। शासन-प्रशासन के निर्देश पर इनके सत्यापन की प्रक्रिया 5 सितंबर से शुरू होगी। 1700 से अधिक दल सत्यापन कार्य करेंगे। इसमें अपात्रों को अलग किया जाएगा।
पीके श्रीवास्तव, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी।
Published on:
06 Sept 2019 12:43 pm
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