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अतिक्रमण हटाने के दौरान बवाल, ठेकेदार ने विवाद कर की झूमाझटकी!

Ghantaghar Katni Road
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कटनी

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Balmeek Pandey

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Updated: 9 Feb 2025, 9:01 PM IST

Ghantaghar Katni Road

Ghantaghar Katni Road

घंटाघर से जगन्नाथ चौक में धार्मिक स्थल हटे, मकान-दुकान सबसे बड़ी बाधा, चौड़ीकरण में कम नहीं हो रहीं समस्याएं, मुआवजा व क्षतिपूर्ति राशि को लेकर अबतक बनी है असमंजस की स्थिति

कटनी. घंटाघर से जगन्नाथ चौक तक 900 मीटर की शहर शहर व जिले की लाखों जनता के लिए नासूर बनी हुई है। नगर निगम द्वारा चौड़ीकरण कराते हुए निर्माण कराए जाने को लेकर नाली निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, लेकिन सुस्त गति से और मुश्किलें बढ़ रहीं हैं। इस निर्माण के दौरान विवाद की भी स्थिति बन रही है। शनिवार को घंटाघर में चौदहा परिवार की बिल्डिंगों के समीप जब ठेकेदार एसएन खंपरिया गुल्लू अतिक्रमण की कार्रवाई के लिए जेसीबी लेकर पहुंचे तो भूमि स्वामियों ने विरोध करना शुरू कर दिया। एक घंटे तक यहां पर जमकर बवाल मचा रहा। सूचना मिलते ही नगर निगम के सहायक यंत्री सुनील सिंह, अश्वानी पांडेय आदि पहुंचे और समझाइश देकर मामले को शांत कराया।
इस विरोध के दौरान ठेेकेदार गुल्लू खंपरिया भी उलझ पड़े। लोगों ने कहा कि ठेकेदार से यह बात की गई उन्हें स्वयं से निर्माण हटाने के लिए पांच दिन का समय दिया जाए, लेकिन वे मनमानी कर रहे हैं। नगर निगम के अधिकारियों की बगैर मौजूदगी के वे लोगों के घरों में तोडफ़ोड़ चालू कर दे रहे हैं। गुल्लू खंपरिया पर झूमाझटकी का आरोप लगाया है। हालांकि इस मामले में ठेकेदार का कहना है कि चौदहा परिवार के लोग बेवजह विवाद कर रहे हैं। विकास में बाधक बन रहे हैं। शहर में गंभीर समस्या है, इसलिए जल्द निर्माण को लेकर अतिक्रमण हटवाया जा रहा है। जहां-जहां अतिक्रमण हट गया है, वहां-वहां नाली का निर्माण कराया जा रहा है। अब जब नगर निगम अतिक्रमण हटाकर देगी तो निर्माण आगे बढ़ाया जाएगा।

यह हुईं बड़ी कार्रवाई
दूसरी ओर नगर निगम व प्रशासन के द्वारा धार्मिक स्थलों को हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। तिलक राष्ट्रीय स्कूल की बाउंड्रीवॉल हटाए जाने के बाद स्कूल सामने स्थित दो धार्मिक स्थलों को भी हटाया गया है। एक पेड़ को भी हटाया गया है। धीरे-धीरे अतिक्रमण की कार्रवाई जारी है। इस पूरी प्रक्रिया में मकान व दुकान सबसे बड़ी बाधा हैं, जिनको हटाने की प्रक्रिया अबतक नहीं शुरू हो पाई है।

इसके चलते हो रही समस्या
नगर निगम द्वारा अतिक्रमण के पहले क्षतिपूर्ति दिए जाने व आश्वासन दिए जाने की कार्रवाई की जानी है, लेकिन अबतक प्रक्रिया को अंजाम नहीं दिया गया। मुआवजा को लेकर भी कोई स्थिति स्पष्ट नहीं है। लगभग ढाई करोड़ रुपए की स्वीकृति क्षतिपूर्ति आदि के लिए ली गई है, लेकिन अभी तक उसका कोई इंतजाम नहीं हो पाया। ना ही अधिकारी व जिम्मेदार स्पष्ट कर रहे हैं। नगर निगम द्वारा यहां-वहां उचंती में नाली बनवा दी जा रही है। एकसाथ अधिग्रहण करते हुए निर्माण की प्रक्रिया को अंजाम नहीं दिया जा रहा।


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डामरीकरण के लिए नहीं कोई पहल
विधायक संदीप जायसवाल द्वारा खराब सडक़ समस्या को देखते हुए एक लेयर डामरीकरण कराए जाने की मांग रखी है। इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया, जिसके बाद नगरीय प्रशासन विभाग ने सडक़ बनाने के लिए आयुक्त को आदेश जारी किए, लेकिन अबतक सडक़ बनाने कोई पहल नहीं की गई।

वर्जन
सडक़ निर्माण को लेकर धीरे-धीरे प्रक्रिया जारी है। ठेकेदार व स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद की जानकारी अधिकारियों ने नहीं दी। सडक़ चौड़ीकरण, नाली निर्माण जारी है। अतिक्रमण व अधिग्रहण की कार्रवाई भी शीघ्र कराई जाएगी। यह शहर की ज्वलंत समस्या है, इसलिए सभी लोगों को स्वस्फूर्त आगे आकर सहयोग करना होगा।
नीलेश दुबे, आयुक्त नगर निगम।