
जिला अस्पताल में एक बार फिर गंभीर लापरवाही उजागर
कटनी के जिला अस्पताल में एक बार फिर गंभीर लापरवाही उजागर हुई है।यहां का एक ऐसा मामला सामने आया कि हर कोई हैरान रह गया। जिला अस्पताल के बच्चों के लिए बने एसएनसीइयू वार्ड में भर्ती एक बच्चे की मौत हो गई। उसके शव का दफना भी दिया पर इसके बाद अस्पताल से फोन आया कि आपका बच्चा जिंदा है।
जिला अस्पताल के एक कर्मचारी ने बच्चे के जिंदा होने की सूचना देकर परिजनाें को अस्पताल बुला लिया। जब परिजन अस्पताल पहुंचे तो कहा कि एक जैसे नाम के कारण ये गफलत हो गई। इस मामले को लेकर मृत नवजात के परिजनाें ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप मढ़ते हुए मामले की जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में कोतवाली टीआइ आशीष कुमार शर्मा को पत्र दिया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियाें से भी शिकायत की है।
अस्पताल बुलाने के बाद कर्मचारियों ने कहा कि प्रिया चौधरी नामक महिला को प्रसव हुआ और उसका ही बच्चा है। एक ही जैसे नाम के कारण प्रिया कुशवाहा को फोन लग गया। इस पर प्रिया कुशवाहा के पति श्रीकांत कुशवाहा ने मांग रखी कि प्रिया चौधरी का बच्चा उन्हें दिखाया जाए व उसका डीएनए कराया जाए। परिजनाें का आरोप है कि बच्चे को बदल दिया गया है।
डॉक्टर्स ने दी धमकी - बच्चे के पिता ने बताया कि सोमवार की रात 9.43 बजे मोबाइल नंबर 9630379815 से फोन आया। जब अस्पताल पहुंचे तो यह कह दिया गया कि गलती से फोन लग गया था। श्रीकांत ने डॉ. मनीष मिश्रा व डॉ. नीलम सोनी से चर्चा की, तो उन्होंने सुबह आकर मिलने कहा। मंगलवार सुबह जब फिर परिजन अस्ताल पहुंचे तो गलती से फोन लग जाने की बात दोहरा दी गई। श्रीकांत ने आरोप लगाया कि डॉ. नीलम ने धमकी दी कि जो करना है कर लेना और बात करना बंद कर दिया।
यह है मामला
कोतवाली पुलिस को की गई शिकायत में थाना स्लीमनाबाद के तेवरी निवासी श्रीकांत कुशवाहा ने बताया कि 5 सितंबर को शारदा हॉस्पिटल में सिजेरियन ऑपरेशन से पत्नी प्रिया कुशवाहा को बच्चा पैदा हुआ था। बच्चे के मुंह में पानी चले जाने की बात कहकर महिला चिकित्सक डॉ. श्रद्धा द्विवेदी एवं डॉ. मनीष मिश्रा के द्वारा जिला चिकित्साल रैफर कर दिया गया था। 10 सितंबर की शाम सूचना दी गई कि बच्चे की मौत हो गई है। जब बच्चे के शव को सौंपा तो कोई टैग नहीं लगा मिला। कोई प्रमाणित पहचान नहीं हुई। 11 सितंबर को बच्चे के शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया।
इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा ने बताया कि प्रिया पति श्रीकांत कुशवाहा के बच्चे को गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती किया गया था। 10 सितंबर की रात 8.30 बजे बच्चे की मृत्यु हो गई। शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनाें को सौंप दिया गया था। इकाई के किसी स्टॉफ ने बच्चे के पिता को फोन लगाकर बच्चे को इंजेक्शन लगवाने व दूध पिलाने के लिए सूचना दे दी गई। किन परिस्थितियों में यह गंभीर त्रुटी हुई है, इसकी जांच कराई जा रही है। प्रारंभिक जांच आरएमओ से कराई जा रही है।
Published on:
13 Sept 2023 12:31 pm
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