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परिषद में कांग्रेस पार्षद ने बताया कि अफसर ने कहां-कहां की अवैध वसूली, हंगामे के बाद अधिकारी पर कार्रवाई, देखें वीडियो

- कटनी. छह माह बाद मंगलवार को नगर निगम परिषद की बैठक एक बार फिर बेनतीजा साबित हुई। बैठक में बजट पास हो पाया न ही प्रस्तावों पर चर्चा हुई। विपक्षी कांग्रेस पार्षदों के जोरदार हंगामे के बाद डेढ़ घंट की बैठक दो बार स्थगित हुई। कांग्रेस पार्षदों ने सहायक यंत्री व भवन अनुज्ञा अधिकारी एचके त्रिपाठी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पूरे समय निलंबित करने की मांग पर अड़े रहे। बैठक की कार्रवाई शुरू होते ही पार्षद मिथलेश जैन ने गरीबी रेखा कार्ड का मुद्दा उठाया। - 400 से अधिक गरीबों की समस्या को लेकर नगर निगम के अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाया। इस पर आयुक्त ने जानकारी दी कि 77 प्रकरण अए हैं 35 में कार्रवाई हो गई है और पोर्टल में अपलोड हो गए हैं। शेष पर जल्द कार्रवाई होगी। - पार्षद मौसूफ अहमद बिट्टू ने सहायक यंत्री एचके त्रिपाठी द्वारा की जा रही मनमानी के मुद्दे को उछाला। कहा कि एचके त्रिपाठी ने 370 लोगों को भवन निर्माण संबंधी नोटिस जारी किया। - इसमें कार्रवाई कितने पर हुई इन्ही से पूछा जाए। नोटिसों का मुख्य उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ भ्रष्टाचार करना रहा।

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कटनी

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Balmeek Pandey

Jul 31, 2019

कटनी. लगभग छह माह बाद मंगलवार को नगर निगम परिषद की बैठक बुलाई गई थी। यह बैठक भी बेनतीजा साबित हुई। न तो बजट पास हो पाया और ना ही प्रस्तावों पर चर्चा हो पाई। कांग्रेस के जोरदार हंगामे व दोनों पक्षों में तीखी नोंकझोंक के बाद बैठक स्थगित कर दी गई। सहायक यंत्री व भवन अनुज्ञा अधिकारी एचके त्रिपाठी पर भ्रष्टाचार का आरोप मढ़ते हुए कांग्रेसियों ने पूरे समय निलंबित करने की मांग को अड़े रहे। अध्यक्ष आयुक्त को जांच कार्रवाई कराते हुए सात दिवस के अंदर निलंबित करने आदेश दिए व तत्काल त्रिपाठी से समस्त प्रभार छीनने आदेश दिए, लेकिन विपक्ष अड़ा रहा और महापौर विपक्ष महापौर के शुद्धियज्ञ पर एफआइआर की मांग को लेकर अड़े रहे। इसके चलते दो बजे से शुरू हुई परिषद की बैठक मात्र एक घंटे 25 मिनट चल सकी इस दौरान दो बार स्थिगित हुई। नगर निगम परिषद की बैठक भारी हंगामे के कारण अनिश्चितकालीन के लिये स्थगित कर दी गई। बैठक में नगर निगम अधिकारियों द्वारा जनहित के मामलों में नगर निगम अधिकारियों द्वारा विलंब करना एवं उसकी आड़ में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाते हुए कार्यवाही की मांग की।

 

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अधिकारियों पर गंभीर आरोप
बैठक की कार्रवाई शुरू होते ही पार्षद मिथलेश जैन ने गरीबी रेखा कार्ड का मुद्दा उठाया। 400 से अधिक गरीबों की समस्या को उजागर करते हुए नगर निगम के अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाया। इस पर आयुक्त ने जानकारी दी कि 77 प्रकरण अए हैं 35 में कार्रवाई हो गई है और पोर्टल में अपलोड हो गए हैं। शेष पर जल्द कार्रवाई होगी। मिथलेश जैन ने कहा कि नगर में गरीबी रेखा कार्ड निर्माण एवं पात्रता पर्ची निर्माण में गंभीर लापरवाही के कारण गरीब जनता को भूखों मरने के लिए निगम अधिकारियों को कथित दोषी ठहराया और आरोप लगाया कि नगर निगम के अधिकारियों को अमीरों की चिंता है गरीबों की नहीं। आरोप लगाया कि दूसरे विभागों से निलंबित अधिकारियों कर्मचारियों को खाद्ïय विभाग में जानबूझकर भेजकर गरीबों को प्रताडि़त करने की चाल नगर निगम में चल रहा है। इसी के चलते ढाई हजार गरीबों के कार्डों को निरस्त किया गया और उनके हक का राशन अधिकारी चट कर गये।

 

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मौसूफ ने उछाला भ्रष्टाचार का मुद्दा
इसके बाद पार्षद मौसूफ अहमद बिट्टू ने सहायक यंत्री एचके त्रिपाठी द्वारा की जा रही मनमानी के मुद्दे को उछाला। परिषद में कहा कि एचके त्रिपाठी ने 370 लोगों को भवन निर्माण संबंधी नोटिस जारी किए गए। इन नोटिसों का मुख्य उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ भ्रष्टाचार करना रहा। नोटिस पर सहायक यंत्री ने कोई कार्रवाई तो की नहीं, लेकिन इसमें अवैध वसूली जरुर की है। इस पर मिथिलेश जैन ने जिन लोगों से वसूली की गई है उनके नाम भी पढ़कर बताए और विपक्ष अध्यक्ष से एचके त्रिपाठी पर निलंबन की कार्रवाई के लिए अड़ गया। इस पर अध्यक्ष संतोष शुक्ला ने आयुक्त आरपी सिंह पर तत्काल कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। आसंदी से यह भी आदेश दिए कि एचके त्रिपाठी से सभी प्रभारी छीन लिए जाएं और जांच के बाद तीन दिवस में निलंबन की कार्रवाई की जाए। हालांकि शाम को आयुक्त ने एचके त्रिपाठी को सभी प्रभार से पृथक कर दिया है। इस दौरान पार्षद मिथलेश जैन ने कुछ लोगों से इन अधिकारियों द्वारा नोटिस का डर दिखाकर की गयी अवैध वसूली का भी खुलासा किया और विभिन्न वार्डों से जिन लोगों से पैसे लिये गये उनके सरनेम एवं पैसों की जानकारी सदन को बताई।

परिषद् कक्ष के बाहर तैनात रहा बल
इस बार की बैठक में हंगामा और विवाद के आसार के चलते बड़ी मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा। शुरुआती दौर में सीएसपी हरिओम शर्मा ने भी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान कोतवाली टीआइ शैलेंष मिश्रा, कुठला थाना प्रभारी विपिन सिंह, धीरजराज सहित जवान मौजूद रहे।

 

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महिलाओं ने उठाई आवाज
सदन की कार्यवाही के दौरान महिला पार्षदों ने एक स्वर में अध्यक्ष से मांग रखी कि जनहित से जुड़े मुद्दे एवं अन्य विकास कार्यों में अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, एवं कोई भी जांच या काम के दिवस तय किए जाएंग और उन तय दिवसों में अगर अधिकारी काम नहीं करते तो उस पर कड़ी कार्यवाही की नीति बनायी जाए।

नगर में अवैध निर्माण चरम पर
कांग्रेस पार्षद साक्षी गोपाल साहू ने नगर में खुले आम अवैध निर्माण अधिकारियों की सरपरस्ती पर होने का आरोप लगाया और कार्यवाही की मांग की। साहू ने कहा कि कूट रचित दस्तावेज बनाकर इन दिनों नक्शा विभाग से नक्शा पास कराकर खुलेआम अवैध निर्माण चल रहे हैं, लेकिन इन पर शिकायत के बाद भी न तो कोई कार्यवाही होती है और न ही इस पर रोक लग रही है इसकी जांच कराकर दोषियों पर कार्यवाही की जाये।

 

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नहीं हो पाई बजट आवंटन पर चर्चा
वित्तीय वर्ष 2018-19 का पुनरीक्षण, 2019-20 के लिये प्रस्तावित बजट पर विचार विमर्श, कटनी-बीना रेल लाइन पर मिशन चौक रेल्वे ब्रिज के सामांतर अतिरिक्त अंडर ब्रिज के लिये राशि भुगतान, मप्र आउट डोर विज्ञापन तथा विघटित सुधार न्यास द्वारा विभिन्न योजनाओं में भूखण्ड व भवनों के लीज नवीनीकरण, स्वकर प्रणाली के अंतर्गत 2019-20 के लिये संपत्ति कर की दरों के निर्धारण पर बैठक स्थगित होने के कारण चर्चा ही नहीं हो पायी। आज की इस महत्वपूर्ण बैठक में प्लास्टिक के उपयोग, विक्रय एवं भण्डारण पर प्रतिबंध तथा ठोस अपशिष्टï प्रबंधन नियम, 2016 के प्रावधानों का उल्लंघन पर दंाडित कार्यवाही जैसे महत्वपूर्ण बिंदु पर एजेंडे में शामिल होने के बावजूद बैठक में चर्चा होने से वंचित रह गए

 

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तैनात रहा पुलिस बल
इस बार की बैठक में हंगामा और विवाद के आसार के चलते बड़ी मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा। शुरुआती दौर में सीएसपी हरिओम शर्मा ने भी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान कोतवाली टीआइ शैलेष मिश्रा, कुठला थाना प्रभारी विपिन सिंह, धीरजराज सहित जवान मौजूद रहे।

अध्यक्ष की आसंदी तक पहुंचे पार्षद जाटव
पार्षद राजेश जाटव सदन की कार्रवाई के दौरान अध्यक्ष की आसंदी तक पहुंच गए। वे महापौर कक्ष में शुद्धियज्ञ को लेकर विरोध जता रहे थे। उन्होंने इस मामले में एफआइआर दर्ज करवाने की मांग की।

 

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खास-खास:
– सहायक यंत्री एचके त्रिपाठी ने जिन-जिन लोगों से अवैध वसूली की है उनके नाम मिथिलेश जैन ने परिषद की बैठक में पढ़े।
– उपायुक्त अशफाक परवेज पर सदन में पार्षद मिथलेश जैन ने लगाया भ्रामक जानकारी देने का आरोप।
– परिषद की बैठक में भी लगभग एक घंटे तक बंद रही बिजली, जनरेटर से सिर्फ चल सके पंखे व लाइट।
– बगैर ग्लास धुले सदन में पानी पिलाए जाने पर भी लोगों ने जताई आपत्ति, कांच की ग्लास में लगी थी लिपिस्टिक।

इनका कहना है
पार्षदों के विवाद के कारण परिषद नहीं चल पाई। दोनों पक्षों को शांत रहकर मुद्दों पर निर्णय लेना था। यह जो हुआ ठीक नहीं हुआ। मैंने शुरुआत से ही दोनों पक्षों को शांत रहकर चर्चा को जारी रखने का प्रयास किया, लेकिन दोनों पक्ष हावी रहे और सदन को स्थगित करना पड़ा।
संतोष शुक्ला, नगर निगम अध्यक्ष।

डेढ़ घंटे की बैठक में नगर विकास पर कोई चर्चा नहीं हो पाई। सिवाय कर्मचारियों के सस्पेंड करने के मामले में कांग्रेस के पार्षदों ने अध्यक्ष की व्यवस्था को बदलने पर दबाव बनाया। आसंदी में गए। बजट, अंडर ब्रिज, पीएम आवास, कॉलोनी में लीज रिन्युअल पर चर्चा होनी थी। मैं छुआछूत की भावना नहीं रखता। मन दुखी रहने के कारण शुद्धिकरण किया। कांग्रेस जातपात का मुद्दा उछाल रही है। काली स्याही से हम दुखी हैं। वे माफी मांगें फिर हम उनकी बात मानने को तैयार हैं। विकास के मुद्दों से कांग्रेस बचना चाहती है। मीडिया को देखकर अपने नंबर बढ़ाने कांग्रेसी इस तरह का काम करते हैं।
शशांक श्रीवास्तव, महापौर।

बजट सहित अन्य प्रस्ताव पर चर्चा होनी थी। गरीबी रेखा के कार्ड नगर निगम द्वारा नहीं बनाए जा रहे, आवासहीनों को रुपये नहीं दिया जा रहा, जलशुल्क दोगुना कर दिया गया उसे कम करने, स्वच्छता कर समाप्त करने की मांग को लेकर सदन में अपनी बात रखी। भ्रष्ट अधिकारियों को निलंबित करने की मांग रखी, लेकिन भाजपा पार्षदों ने भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण देने का काम किया। जनहित की मांग उठाने पर शोरगुल किया गया। लोकतंत्र की हत्या करने का काम किया गया। सदन की कार्रवाई स्थगित कर दी गई है। महापौर को बर्खास्त करने की राज्य शासन से मांग करेंगे।
मिथलेश जैन, पार्षद व कांग्रेस जिलाध्यक्ष।