
धरे रह गए कलेक्टर के आदेश, व्यवस्था की खुली पोल, बारिश में भीगी हजारों क्विंटल धान
कटनी. किसानों के खून पसीने की कमाई किस तरह से जिला प्रशासन और जिम्मेदार विभागों की लापरवाही से बर्बाद होती है इसका जीवंत उदाहरण आज कटनी में देखने को मिला। कटनी में हुई बारिश ने धान खरीदी केंद्रों में की जाने वाली व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। हद तो तब हो गई कि 2 दिन पहले कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने दो टूक कहा था कि, यदि बारिश से धान खराब होती है तो आप लोग जिम्मेदार होंगे और व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे, लेकिन 2 दिनों तक खाद्य विभाग, नागरिक आपूर्ति निगम सहित समितियां वा केंद्र प्रभारी बेपरवाह बने रहे और आज जब बारिश हुई तो खुलकर बेपरवाही सामने आई।
धान खरीदी केंद्रों में हजारों क्विंटल धान पानी में भीग कर बर्बाद हो गई है। धान खरीदी केंद्रों में ना तो ततिरपाल की व्यवस्था थी और ना ही शेड की। हजारों किसान ऐसे हैं, जिनकी तौल भी नहीं हो पाई थी। वह अपनी तौल का इंतजार खरीदी केंद्रों में कर रहे थे। लगातार बारिश का दौर जारी है अब देखना होगा कि, जिला प्रशासन इतनी बड़ी मात्रा में खराब हुई उपज का आकलन कैसे करता है और किसानों को क्या राहत मिलती है।
पत्रिका ने पहले ही कर दिया था आगाह
कटनी जिले में होने वाली बारिश के संबंध में पत्रिका ने पहले ही आगाह कर दिया था। कृषि मौसम वैज्ञानिक द्वारा भी जिले में 3 दिनों तक मौसम खराब रहने वह बारिश होने की संभावना जताई गई थी। इसके बाद भी केंद्र प्रभारियों ने कोई व्यवस्था नहीं की और करोड़ों रुपए की धान भी कर बर्बाद हो गई है।
Updated on:
28 Dec 2021 04:13 pm
Published on:
28 Dec 2021 04:13 pm
