
आदिवासी दिवस पर बात 25 गांव की उन महिलाओं की, जो जिलेभर के 6 सौ गांव के बराबर कमा रहीं रुपया
कटनी. आदिवासी दिवस पर बात उन महिलाओं की जिनके लगन, मेहनत और जज्बे ने वो मुकाम हासिल किया कि गांव ही नहीं पूरे समाज की तस्वीर बदल गई। अनूपपुर जिले के 25 गांव में आदिवासी महिलाओं ने चार साल पहले मुर्गी पालन शुरु किया। महिलाओं ने लगन और मेहनत से काम किया। इसका परिणाम यह रहा कि अब मुर्गीपालन का सलाना व्यवसाय 40 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है। जो कि पूरे जिले में 6 सौ गांव में होने वाले धान के कुल उत्पादन लगभग 48 करोड़ रुपये के बराबर पहुंच रहा है।
खासबात यह है कि अनूपपुर में उस समय महिलाओं को मुर्गीपालन से जोडऩे वाले कलेक्टर केवीएस चौधरी इन दिनों कटनी में हैं। उन्होंने यहां भी महिलाओं को आर्थिक रुप से समक्ष बनाने उन्हे मुर्गीपालन अपनाने की सलाह दी।
अनूपपुर की तर्ज पर कटनी में भी आदिवासी महिलाओं को मुर्गीपालन से जोड़ा जा रहा है। ढीमरखेड़ा ब्लॉक के देहरी, कोकोडबरा, बलवारा और मदनपुर में प्रत्येक गांव में सात-सात परिवार की आदिवासी महिलाओं ने इस पर काम शुरु कर दिया है। सितंबर से मुर्गीपालन प्रारंभ भी हो जाएगी।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 2 अगस्त को कटनी जिले के दौरे पर रहे। उन्होंने मंच से कहा कि कटनी में अच्छे कलेक्टर हैं, उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रुप से सक्षम बनाने में अनूठा काम किया है। कलेक्टर द्वारा कटनी के पूर्णत: आदिवासी बाहुल्य गांव में महिलाओं को मुर्गीपालन से जोडऩे की पहल की जा रही है।
कलेक्टर केवीएस चौधरी कहते हैं कि मुर्गीपालन से महिलाओं को जोडऩे की पहल पूर्णत: आदिवासी बाहुल्य गांव में कर रहे हैं। अनूपपुर के 25 गांव में मुर्गीपालन का व्यवसाय पूरे जिले में धान उत्पादन के बराबर पहुंच रहा है। कटनी में अभी चार गांव में सात-सात परिवार जुड़े हैं। जल्द ही तीस परिवार जुड़ेंगे। जल्द ही इन गांव में तीस-तीस परिवार जुड़ेंगे। अनूपपुर में मुर्गीपालन करने वाली महिलाएं मध्यप्रदेश वूमेन पोल्ट्री प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के माध्यम से व्यवसाय कर रही हैं।
Published on:
09 Aug 2018 10:08 am
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