
बारह दिनों में साढ़े पांच हजार घन मीटर अवैध बालू का खनन कर माफिया ने बेंच डाला नोट- खबर में जो भी वीडियो हैं
कौशाम्बी. जिला प्रशासन की आंख में धूल झोंक कर यमुना नदी से निकलने वाली मोरिंग मोरंग बालू का जमकर अवैध खनन किया गया। महज 12 दिन साढ़े पांच हजार घन मीटर बालू अवैध तरीके से निकाली गई। बालू माफिया ने इस दौरान पट्टा की भूमि से हटकर दूसरे भूमि पर खनन किया गया। अवैध खनन की जानकारी होने पर एसडीएम मंझनपुर व खनन अधिकारी ने कटरी घाट पर छापा मारा तो वहां का नजारा देख दंग रह गए।
अधिकारियों ने अवैध खनन किए गए स्थान की नाप जोख कराई। जिसके बाद पट्टा धारक के ऊपर 54 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। पट्टा धारक को नोटिस भेजी गई है। 30 दिन में संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्यवाही की जाएगी। मंझनपुर तहसील के कटरी घाट पर मोरंग बालू खनन के लिए प्रयागराज के झूसी निवासी केसरी नंदन पुत्र रामाशंकर को पट्टा आवंटित किया गया है। लगभग एक महीना पहले कटरी घाट में बालू खनन शुरू किया गया। बालू खनन शुरू होने के पहले ही जिला प्रशासन ने पट्टा धारक को सख्त चेतावनी देते हुए कहा था कि अवैध खनन किसी भी सूरत में नहीं होनी चाहिए। बावजूद इसके कटरी घाट पर जमकर अवैध बालू खनन किया गया। महज बारह दिन में 5445 घन मीटर बालू का खनन किया गया।
हैरत की बात यह कि जिस स्थान का पट्टा हुआ है उससे हटकर मोरंग बालू का खनन किया गया। दिन रात पोकलैंड, जेसीबी मशीन लगाकर अवैध रूप से बालू खनन कर बेच दिया गया। अवैध खनन की शिकायत जिलाधिकारी से की गई। इसके बाद जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने खनन अधिकारी आरपी सिंह, एसडीएम मंझनपुर राजेश चंद्रा को मौके पर जाकर जांच करने के लिए कहा। मौके पर पहुंचे दोनों अधिकारियों ने कटरी घाट का नजारा देखा। नाप जोख के बाद अधिकारियों की टीम मुख्यालय लौटी।
मामले की गंभीरता से जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा को भी अवगत कराया गया। जिसके बाद कटरी घाट के पट्टा धारक केसरी नंदन के ऊपर 54 लाख पांच सौ रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया। पट्टा धारक को नोटिस दिया गया कि वह अपना जवाब एक महीने में संबंधित अधिकारी के समक्ष लिखित रूप से जमा करें। यदि ऐसा नहीं होता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन की इस बड़ी कार्यवाही के बाद बालू खनन से जुड़े कारोबारियों में हड़कंप का माहौल है।
Published on:
23 Nov 2019 09:45 pm
