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कौशांबी में पुलिस और 50 हजार के इनामी बदमाश के बीच मुठभेड़, पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार

Kaushambi encounter: कौशांबी में पुलिस और एसओजी ने 50 हजार के इनामी आरोपी शकील अहमद को मुठभेड़ के बाद पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी।
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पिपरी थाने में दर्ज मुकदमे का आरोपी शकील अहमद पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश कर रहा था, पुलिस और एसओजी की कार्रवाई में पकड़ा गया (Source: Kaushambi Police/X)

पिपरी थाने में दर्ज मुकदमे का आरोपी शकील अहमद पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश कर रहा था, पुलिस और एसओजी की कार्रवाई में पकड़ा गया (Source: Kaushambi Police/X)

Kaushambi Police Encounter: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में पुलिस और एसओजी टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी शकील अहमद के खिलाफ पिपरी थाने में मुकदमा संख्या 219/26 दर्ज है और उसकी गिरफ्तारी के लिए उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी इलाके से फरार होने की कोशिश कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम सक्रिय हो गई और इलाके में घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, घेराबंदी के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति मोटरसाइकिल से आता दिखाई दिया। पुलिस टीम ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन खुद को चारों ओर से घिरा देख आरोपी ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने देशी तमंचे से पुलिस टीम की ओर फायरिंग की। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के बाएं पैर में गोली लग गई।

मुखबिर की सूचना से शुरू हुआ ऑपरेशन

सीओ सौरभ सामंत के अनुसार, चार सितंबर 2026 को पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि पिपरी थाने में दर्ज मुकदमे से जुड़ा आरोपी शकील अहमद इलाके से निकलकर फरार होने की कोशिश कर रहा है। आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था, इसलिए सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी एसओजी की टीम को सक्रिय किया गया। संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ाई गई और संदिग्ध गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए घेराबंदी की गई। पुलिस का उद्देश्य आरोपी को सुरक्षित तरीके से पकड़ना था, लेकिन कार्रवाई के दौरान स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई।

मोटरसाइकिल से पहुंचा संदिग्ध, पुलिस ने रोका

पुलिस के अनुसार, तलाशी और चेकिंग अभियान के दौरान एक व्यक्ति मोटरसाइकिल से आता दिखाई दिया, जिसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पुलिस टीम ने उसे रुकने का संकेत दिया और पूछताछ के लिए रोकने की कोशिश की। इसी दौरान कथित तौर पर आरोपी को एहसास हो गया कि पुलिस उसे घेर चुकी है और उसके बच निकलने के रास्ते सीमित हो गए हैं।

पुलिस का कहना है कि खुद को घिरा देखकर आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हमला किया। आरोप है कि उसने देशी तमंचे से पुलिस टीम पर गोली चला दी। गोलीबारी की इस घटना के बाद पुलिसकर्मियों ने तत्काल मोर्चा संभाला और आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की।

जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी शकील अहमद के बाएं पैर में गोली लग गई। गोली लगने के बाद वह आगे भागने में असमर्थ हो गया और पुलिस टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। इसके बाद घायल आरोपी को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।

सीओ सौरभ सामंत ने बताया कि आरोपी की हालत स्थिर बताई जा रही है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने कहा कि मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को भी मामले की जानकारी दी गई।

तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक मोटरसाइकिल, एक देशी तमंचा, एक जिंदा कारतूस और दो खोखे बरामद करने का दावा किया है। बरामद सामान को पुलिस ने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी और फॉरेंसिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, बरामद तमंचे और कारतूस की जांच की जाएगी और यह भी पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि हथियार का इस्तेमाल पहले किसी अन्य आपराधिक घटना में हुआ है या नहीं। घटना के दौरान मिले खोखों को भी जांच के लिए सुरक्षित किया गया है।

50 हजार का इनामी था आरोपी

शकील अहमद की गिरफ्तारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि उसके खिलाफ दर्ज मामले में उसकी तलाश की जा रही थी और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस अब उसके आपराधिक इतिहास और संभावित अन्य मामलों की भी जांच कर सकती है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार और इनामी आरोपियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। ऐसे मामलों में मुखबिर तंत्र की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि समय पर मिलने वाली सूचना के आधार पर पुलिस आरोपी की गतिविधियों पर नजर रख सकती है।

पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई

इस ऑपरेशन में स्थानीय पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, सूचना मिलने के बाद दोनों टीमों के बीच समन्वय स्थापित किया गया और संभावित मार्गों पर घेराबंदी की गई। इसी संयुक्त कार्रवाई के दौरान आरोपी पुलिस के सामने आया और उसे रोकने का प्रयास किया गया।

मुठभेड़ के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई। पुलिस ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए और मामले से जुड़े सभी तथ्यों को रिकॉर्ड किया। अधिकारियों का कहना है कि पूरी घटना की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है।

आगे की कानूनी कार्रवाई जारी

घायल आरोपी को जिला अस्पताल भेजे जाने के बाद पुलिस अब आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी से पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जाएगी। साथ ही उसके खिलाफ दर्ज मुकदमों और आपराधिक गतिविधियों की भी जांच की जाएगी।

कौशांबी पुलिस की इस कार्रवाई को इनामी और फरार आरोपियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, पुलिस द्वारा बताए गए घटनाक्रम और बरामदगी की आगे की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी। फिलहाल आरोपी शकील अहमद जिला अस्पताल में उपचाराधीन है और उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। सीओ सौरभ सामंत ने कहा कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है और पुलिस सभी संबंधित तथ्यों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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