
छत्तीसगढ़वासियों को बड़ी सौगात (Photo source- Patrika)
CG News: चिल्फी के आगे ग्राम धवईपारी जो छत्तीसगढ़ का बॉर्डर है वहां से जबलपुर तक फोर लेन सड़क बनेगी। इसका लाभ छत्तीसगढ़वासियों को भी मिलेगा, लेकिन तब जब चिल्फी की घाटी में वाहन न फंसे। वरना 2500 करोड़ रुपए की यह योजना यहां के लिए व्यर्थ साबित है। चिल्फीघाटी में आए दिन वाहनों की जाम लग जाती है क्योंकि सड़क चौड़ा नहीं है।
ऐसे में जहां मध्यप्रदेश में 4 लेन सड़क बन रही है वहीं छत्तीसगढ़ की चिल्फीघाटी में एक नई सड़क आवश्यकता है, ताकि जाम की स्थिति से बचा जा सके। संसद सत्र के दौरान राजनांदगांव संसदीय क्षेत्र के सांसद संतोष पांडेय ने मध्यप्रदेश के सांसद के साथ मिलकर जबलपुर तक 150 किमी लंबी 4 लेन सड़क के निर्माण की मांग रखी थी। इस पर केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के प्रयास से चिल्फी बॉर्डर से आगे जबलपुर तक 150 किमी लंबी 4 लेन सड़क के निर्माण को मंजूरी मिल गई है।
इस परियोजना पर करीब 2500 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इससे हजारों लोगों को बेहतर सड़क मिलेगी। हालांकि इस सड़क का निर्माण छत्तीसगढ़ के बॉर्डर ग्राम धवईपानी के आगे से मतलब मध्यप्रदेश में होना है। छत्तीसगढ़ में इसका लाभ तभी मिलेगा जब चिल्फीघाटी सड़क का चौड़ीकरण हो। अन्यथा ४ लेन सड़क से गुजरने के बाद लोग चिल्फीघाटी में फंसे रहेंगे। मतलब मध्यप्रदेश सरकार की वाहवाही होगी, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार को कोसते रहेंगे।
चिल्फीघाटी की चौड़ाई जरूरत के हिसाब से काफ ी कम होने के चलते अक्सर इस रास्ते में जाम की स्थिती बनती है। जिम्मेदारों को इस दिशा में ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि इस मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन दौड़ते हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए घाटी की चौड़ाई ज्यादा बढ़ाने की जरूरत है। या फिर बिना किसी तरह से प्रभावित किए बिना ही एक समनांतर दूसरे तरफ से घाट काटकर नए सड़क निर्माण कार्य किया जाना चाहिए, जिसमें समय व धन भले ही ज्यादा लगेगा, लेकिन स्थायी समाधान हो सकता है। लोगों को एक नया मार्ग मिलेगा, साथ ही आवागमन में सुविधा होगी। आने व जाने के लिए अलग-अलग मार्गों का उपयोग किया जा सकता है। जिम्मेदारों को इस दिशा में विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
CG News: चिल्फी घाटी में आए दिन भारी वाहनों के जाम की स्थिति बन रही है जिससे लोग परेशान होते हैं। रायपुर से जबलपुर जाने के लिए नेशनल हाईवे-30 के चिल्फीघाटी के अलावा और कोई दूसरा रास्ता नहीं है। यही एक मार्ग है जहां प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं जिसके कारण लोगों को इन परेशानियों से जूझना पड़ता है।
घाट में पुरानी वाहनों के ओवरलोड होने के कारण घाट चढ़ने के दौरान वाहन में खराबी आ जाती है। सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण अन्य बड़ा वाहन गुजर नहीं पाता। घाट के एक तरफ ऊंची पहाड़ी और दूसरी ओर सैकड़ों फीट गहरी खाई के कारण यहां जोखिम लेने की कोई गुंजाइश नहीं होती है। यही कारण यहां जाम की स्थिति बन जाती है।
Published on:
28 Aug 2025 01:29 pm
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