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अब तक 15% ही वाहनों में लगे HSRP, नए नंबर प्लेट से मिलेगी ये सारी सुविधा…

High Security Number Plate: कवर्धा जिले में परिवहन विभाग के नए नियम के अनुसार वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट्स (एचएसआरपी) अनिवार्य हैं।

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अब तक 15% ही वाहनों में लगे HSRP(photo-patrika)

अब तक 15% ही वाहनों में लगे HSRP(photo-patrika)

High Security Number Plate: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में परिवहन विभाग के नए नियम के अनुसार वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट्स (एचएसआरपी) अनिवार्य हैं। इसके लिए पिछले छह माह से इसका रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है, लेकिन अब तक 14 हजार से अधिक वाहनों में ही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट्स लगाए जा सके हैं।

ये भी पढ़ें: अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत सभी गाड़ियों में HSRP लगवाना अनिवार्य, मोबाइल अपडेट जरूर करवाएं..

High Security Number Plate: सावधान...

केंद्र सरकार के मंशानुरूप वाहनों के नंबर प्लेट में बदलाव किया गया है, जिसके लिए वाहन मालिकों को हरसंभव सुविधा दी गई। इसके लिए 30 अप्रैल तक का समय था, लेकिन लोगों के रुचि नहीं लिए जाने के कारण इसका समय बढ़ाया गया, बावजूद लोग अब भी रुचि नहीं ले रहे हैं। जिला परिवहन कार्यालय की ओर से शिविर आयोजित करने के बाद 10 हजार लोगों द्वारा हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट्स के लिए पंजीयन कराया।

इसमें अधिकतर लोगों के नए नंबर प्लेट्स लगावा लिए हैं, जबकि जिले में वर्ष 2019 से पूर्व के करीब एक लाख वाहन हैं। मतलब फिलहाल 15 फिसदी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट्स के लिए पंजीयन हो चुका है। यह नए नियम वर्ष 2019 से पहले के पुराने वाहनों में लागू है। इसके बाद के वाहनों में पहले से ही इसका पालन किया जा रहा है।

यह नंबर प्लेट आसानी से सीसीटीवी में कैद

हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने की प्रमुख वजह है चोरी की स्थिती से आसानी से ढूंढा जा सकता है। क्राईम की स्थिती में आसानी से नंबर प्लेट सीसीटीवी कैमरे में कैद हो जाते हैं चाहे व कितनी भी स्पीड में क्यों न हो। सभी नंबर एक ही फोंट व साइज में है, जिसके कारण पहचानने में दिक्कत नहीं है। वहीं हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगाए जाने पर कभी भी चालानी कार्रवाई हो सकती है।

जिले में दो लाख से अधिक वाहन

जिला परिवहन अधिकारी मोहनलाल साहू ने बताया कि दो पहिया वाहनों के लिए 366 रुपए, तीन पहिया वाहनों के लिए 427 रुपए, चार पहिया वाहनों के लिए 656 रुपए और भारी वाहनों के लिए 706 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके अलावा फार्म भरने के लिए 50 रुपए अलग से देना होगा।

कबीरधाम जिले के जिला परिवहन कार्यालय में दो लाख 9 हजार वाहनों का पंजीयन है। इसमें सबसे अधिक एक लाख 68 हजार बाइक और निजी पंजीकृत हैं। वहीं 14 हजार से अधिक संपत्ति, 8 हजार कार, 6905 मालवाहक सहित कुल मिलाकर की संख्या दो लाख 9 हजार है।

निर्धारित समयावधि के बाद शुरु होगी चालानी कार्रवाई

इसमें करीब 90 हजार वाहन वर्ष 2019 से 2025 तक के हैं। जबकि एक लाख से अधिक वाहन वर्ष 2019 से पूर्व पंजीयन के हैं। हालांकि इसमें बड़ी संख्या में ऐसे वाहन भी है जो कंडम हो चुके हैं। वाहन खराब हो चुके हैं मतलब चलाने के योग्य ही नहीं है। लेकिन जो वाहन सड़क पर चलेगी उनका नंबर प्लेट्स नए नियम के तहत होना अनिवार्य किया गया है।

चाहे तो खुद ही ऑनलाइन विभाग के वेबसाइट में जाकर आवेदन कर सकते हैं या फि र परिवहन सुविधा केन्द्र में जाकर अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। वाहन का एचएसआरपी तैयार होने पर मोबाइल में मैसेज आ जाएगा। अलग-अलग वाहनों के लिए शुल्क तय किया गया है, जिसमें वाहन मालिक अपने वाहन के हिसाब से ऑनलाइन भुगतान कर रसीद प्राप्त कर सकते हैं। इसके बाद अधिकृत डीलर के पास जाकर उसे लगवा सकते हैं।