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पुलिस की चल रही मनमानी! 2 लाख घूस लेने के बाद भी भेजा जेल, ग्रामीणों ने किया जमकर हंगामा..

CG Police News: ग्रामीणों ने पुलिस वालों को घूस के रूप में रकम देने के बाद भी काम न करने का आरोप लगाते हुए राशि वापस देने की मांग की।

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पुलिस की चल रही मनमानी! 2 लाख घूस लेने के बाद भी भेजा जेल, ग्रामीणों ने किया जमकर हंगामा..

CG Police News: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के बोड़ला थानाक्षेत्र के पोड़ी चौकी में ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने पुलिस वालों को घूस के रूप में रकम देने के बाद भी काम न करने का आरोप लगाते हुए राशि वापस देने की मांग की। जिस पर पुलिस चौकी में घंटों हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। पोड़ी चौकी पुलिस ने आईपीएल में सट्टा खेलने के आरोप में 4 लोगों को गिरफ्तार किया था।

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CG Police News: आईपीएल के सटोरियों को बचाने की कोशिश

जिसे लेकर आरोपियों के परिजनों का कहना है कि पुलिस चौकी के तीन स्टॉफ एएसआई दिनेश झारिया, प्रधान आरक्षक खरे व उसके एक और साथी सत्यवंशी ने दो लाख रूपये लिए थे। चार लाख की मांग थी, लेकिन दो लाख में सौदा तय हुआ था। दो लाख दे भी दिए थे। इसके बाद भी चारों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया। उसके बाद जेल भेज दिया गया, जिससे परिजन नाराज हो गए, पैसे देने के बाद भी केस बनाया गया और जेल भेज दिया। मामले की एसपी से शिकायत की गई है।

पुलिस कर्मियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है। दरअसल 8 अप्रैल को पुलिस ने भारी दबाव के बीच अपनी नाक बचाने के लिए व्यापक स्तर पर चल रहे आईपीएल सट्टेबाजी को लेकर कार्रवाई की थी। जिसमें पोड़ी पुलिस चौकी ने चार आरोपियों को आईपीएल में सट्टा खेलने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

पुलिस चौकी में जमकर हंगामा

चारों आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग धारा 6 छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम अधिनियम व अन्य सुसंगत धाराओं के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया। बोड़ला के एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था। शिकायतकर्ता मनीष वर्मा ने बताया कि इसी मामले के सेटलमेंट के लिए चौकी में तैनात एएसआई दिनेश झारिया व साथी पुलिसकर्मी प्रधान आरक्षक खरे व संत्यवंशी ने चार लाख रुपए की मांग की थी।

जिसके बाद कोई मामला नहीं बनाने की बात कही गई। जैसे-तैसे कर मामला दो लाख रूपये में सेट किया गया। उसके बाद पैसे उन्हें दे दिए। इसके बाद भी चारों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, यहीं नहीं उन्हें जेल भेज दिया गया। जिससे नाराज होकर उनके द्वारा चौकी पहुंचकर काम न करने के चलते पैसे वापस मांगे गए। जिस पर उनके खिलाफ भी मामला दर्ज कर जेल में सड़ाने की धमकी पुलिसवालों के द्वारा दी गई।