खंडवा.
जो सनातन धर्म का विरोध कर रहे हैं, वह रावण के खानदान के है। सनातन धर्म भारत में अपनी पताका लहराएगा। मैं भी वनवासी क्षेत्र में सनातन धर्म के प्रचार के लिए ही आया हूं। यह बात बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र शास्त्री ने मीडिया से चर्चा के दौरान सनातन धर्म के विरोधियों पर कटाक्ष करते हुए कही। नया हरसूद-छनेरा में दो दिवसीय श्रीराम हनुमंत कथा के लिए पं. धीरेंद्र शास्त्री शनिवार दोपहर को खंडवा नागचून स्थित हवाई पट्टी पर चार्टर प्लेन से पहुंचे। रास्ते में सिविल लाइन क्षेत्र में उन्होंने अपना काफिला रोककर कुछ देर मीडिया से भी चर्चा की।
हरसूद विधायक व प्रदेश के वन मंत्री विजय शाह द्वारा दो दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन नया हरसूद-छनेरा में करवाया जा रहा है। बारिश के चलते बागेश्वर धाम सरकार पं. शास्त्री का आगमन दोपहर में हुआ। इधर, नया हरसूद में कथा श्रवण के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमडऩे लगी थी। सुबह 8 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे तक चली बारिश के बाद भी श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। दोपहर 3 बजे बागेश्वर धाम सरकार नागचून हवाई पट्टी पर उतरे। यहां कथा के मुख्य जजमान मंत्री विजय शाह सहित सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल,
विधायक देवेंद्र वर्मा, राम दांगोरे, टिमरनी विधायक संजय शाह, जिपं अध्यक्ष कंचन मुकेश तनवे सहित बड़ी संख्या में भक्तों ने किया। यहां से कथा स्थल नया हरसूद पहुंचने में पं. शास्त्री के काफिले का साढ़े तीन घंटे लग गए। जगह-जगह रास्ते में लोग स्वागत के लिए खड़े रहे।
दादाजी महाराज, संतों को नमन कर हुई कथा आरंभ
शनिवार शाम 7 बजे पं. शास्त्री की कथा आरंभ हुई। पं. शास्त्री ने श्री दादाजी धूनीवाले, संत सिंगाजी महाराज, संत बुखारादास महाराज, मनरंग स्वामी को नमन करते हुए कथा शुरू की। उन्होंने संत सिंगाजी महाराज द्वारा कुएं में गिरी एक गाय को हाथ के इशारे से उपर लाने का वर्णन सुनाया। इस मौके पर उन्होंने हरसूद के बारे में कहा कि जहां कथा हो रही है यह नया हरसूद है। पुराना हरसूद तो जलमग्र हो गया तथा नया हरसूद भक्ति में डूब जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने कथा स्थल का नाम बागेश्वर बजरंग ग्राउंड रखा। कथा के दौरान पं. शास्त्री ने हनुमानजी की प्रभु श्रीराम के प्रति भक्ति का वर्णन करते हुए अनेक वर्णन बताए। कथा करीब 8 बजे तक चली। रविवार को कथा की पूर्णाहुति होगी।