
City needs bypass for smooth traffic
खंडवा. सुगम यातायात के लिए शहर को एक बाइपास की जरूरत है। तब और ज्यादा दरकार होगी जब 11 अप्रैल से नो एंट्री का आदेश लागू कर दिया जाएगा। खंडवा शहर के यातायात पर गौर करें तो यहां सिर्फ एक ही ऐसा रास्ता है जो दूसरे जिलों की सीमा को जोड़ता है। यानि शहर के अंदर से होकर गुजरना ही पड़ेगा। जब नोएंट्री लागू हो जाएगी तो भारी मालयानों को रात 9 बजे से सुबह 8 बजे तक का ही समय होगा जिसमें उन्हें खंडवा होकर गुजरना है। जरा का चूकने पर पूरे दिन वाहन को शहर से बाहर खड़ा रखना होगा। हालांकि इस शहर को बाइपास देने के लिए पूर्व में कई प्लान बनाए गए लेकिन उसे धरातल पर उतारा नहीं जा सका।
दबाव कम करने का रास्ता
यातायात के जानकार बताते हैं कि परिवहन कार्यालय के पास से गांव की ओर गए रास्ते को बाइपास बना सकते हैं। यहां से पंधाना, अमरावती मार्ग के लिए जाने वाले रास्ते को छूते हुए हरदा मार्ग पर बाइपास खोला जा सकता है। इस मार्ग में कुछ जगह पुल बनाने होंगे। नदी, नाले और रेलवे ट्रैक इस मार्ग में हैं, जिस पर काम करना होगा। आगे जाकर यही रास्ता बैतूल और होशंगाबाद के लिए मुड़ जाएगा।
प्रयास से होगी राह आसान
अमरावती, बुरहानपुर, हरदा, इंदौर के वाहन खंडवा से होकर गुजरते हैं। महाराष्ट्र से भी कई वाहन मप्र में आते जाते हैं। इसलिए बाइपास बनाना जरूरी है। सांसद, विधायक और पुलिस- प्रशासन के अधिकारी अगर इस मसले पर चिंतन करें तो राह आसान हो सकती है और भविष्य में यातायात का दबाव शहर के अंदर कम रहेगा।
कम बजट का बने प्लान
बाइपास बनाने के लिए बजट को ध्यान में रखना जरूरी है। जो मार्ग यातायात के जानकार बताते हैं वहां खर्च कम और रास्ता बेहतर मिल सकता है। लेकिन शहर का एक वर्ग इस बाइपास को मूंदी की ओर बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लगाने के प्रयास कर चुका है। बाइपास बनने से उन रास्तों पर रोजगार और व्यापार के अवसर बनेंगे जहां से रास्ता खोला जाएगा।
Published on:
08 Apr 2022 11:37 am
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