
Cotton Prices: कपास की फसल कमजोर, दामों ने दस साल का रिकॉर्ड तोड़ा
खंडवा. कृषि महाविद्यालय में अभा समन्वित कपास सुधार परियोजना की ओर से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला हुई। इसमें देश-विदेश से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लोग जुड़े। अध्यक्षता राजमाता विजयराजे सिंधिया कृषि विवि ग्वालियर के कुलपति अरविंद कुमार शुक्ल ने की। उन्होंने रोटी, कपड़ा और मकान मनुष्य की मूलभूत आवश्यकताओं को रेखांकित किया और कहा कि कपास से बनी लंगोट शिशु के तन को ढंकती है, व्यक्ति के अंत समय में भी कपास से निर्मित कफन बनता है। कुलपति ने कहा जैविक कपास की चिकित्सकीय और सर्जिकल कार्यों में विशेष उपयोगिता है। जैविक कपास से बना वस्त्र अन्य की तुलना में सुखद व आरामदायक है।
जैविक कपास उत्पादन के लिए दो प्रजातियां
कार्यक्रम के समापन पर अनुसंधान सेवाएं डॉ संजय शर्मा ने कहा जैविक कपास उत्पादन के लिए दो प्रजातियां राज विजय जैविक कपास एस जी एफ-1 व 2 को विवि की विशेष उपलब्धियां बताई। दो दिवसीय कार्यशाला के शुभारंभ पर मुख्य अतिथि कलेक्टर अनूप कुमार सिंह, कुलपति प्रोफेसर अरविंद कुमार शुक्ला रहे। कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ आर आई सिसौदिया ने स्वागत किया। कार्य शाला के समापन पर मुख्य अतिथि पूर्व अधिष्ठाता डॉ पीसी शास्त्री रहे और निदेशक अनुसंधान सेवाएं डॉ संजय शर्मा ने अध्यक्षता से हुआ। संचालन डॉ तनय जोशी ने किया।
अनुसंधान परियोजना का भ्रमण किया
डॉ डीके पालीवाल एवं डॉ एसके अरसिया आदि रहे। अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला के दूसरे दिन कृषि महाविद्यालय के कपास अनुसंधान परियोजना का भ्रमण किया। इस दौरान बायो फर्टिलाइजर इकाई एवं कपास के रेशे की गुणवत्ता परखने की इकाई को दिखाया गया। अनुसंधान में इकाई की विस्तृत जानकारी दी गई।
Published on:
15 Apr 2023 01:37 pm
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