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फसल बीमा : 3.57 करोड़ किसानों ने भरा 3510 करोड़ प्रीमियम, क्लेम सिर्फ 764 करोड़ मिला

प्रदेश में फसल बीमा योजना किसानों के लिए बेमानी साबित हो रही है। प्रीमियम वसूली और क्लेम में बीमा कंपनियों की भूमिका सवालों के घेरे में है।

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खंडवा

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Rajesh Patel

Aug 29, 2025

Pm Crop Insurance

Pm Crop Insurance

विधानसभा में कृषि कल्याण विभाग की वर्ष 23-24 व 24-25 की रिपोर्ट में खुलासा, किसानों के साथ छलावा, कंपनियों की भूमिका सवालों के घेरे में

1304 करोड़ रुपए प्रीमियम वसूल किया

प्रदेश में फसल बीमा योजना किसानों के लिए बेमानी साबित हो रही है। प्रीमियम वसूली और क्लेम में बीमा कंपनियों की भूमिका सवालों के घेरे में है। खरीफ और रबी सीजन वर्ष-2023-24 से 2025 में बीमा कंपनियों ने 3.57 करोड़ किसानों से 1304 करोड़ रुपए प्रीमियम वसूल किया। इसमें राज्यांश और केंद्र का अंश मिलाकर 3510 करोड़ प्रीमियम राशि दी गई। बावजूद कंपनियों ने महज 22.23 लाख किसानों को सिर्फ 764 करोड़ क्लेम दिया है।

एक चौथाई से भी कम क्षतिपूर्ति

खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर समेत प्रदेश के अन्य जिले में किसानों के खाते में फसल नुकसान की एक चौथाई क्षतिपूर्ति नहीं मिली है। किसानों ने केंद्र शासन के हेल्पलाइन नंबर-14447 पर शिकायत की तो संशोधित क्लेम में दस गुना तक राशि बढ़ी है। इसका खुलासा विधानसभा में कृषि कल्याण विभाग की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट से हुआ है। हेल्पलाइन नंबर 14447 पर शिकायत के संशोधित क्लेम मिला।

हेल्पलाइन पर शिकायत की तो बढ़ी राशि

अतर गांव के कन्हैया को दो हेक्टेयर में सोयाबीन की फसल की बोवनी की थी। क्लेम 1447 आया। हेल्पलाइन पर शिकायत की तो 52 हजार मिला। अनिल को 91 रुपए क्लेम मिला। शिकायत के बाद 16 हजार रुपए मिला। किसान आत्माराम पटेल ने रबी सीजन में फसल का बीमा कराया। प्रीमियम 1601 जमा किया। दो हेक्टेयर में फसल खराब हुई। क्लेम सिर्फ 1859 रुपए मिला।- किसान सतीश खोर की दो हेक्टेयर की फसल खराब हो गई। बैंक ने प्रीमियम एक हजार रुपए काटा है। क्लेम सिर्फ 1844 रुपए मिला है। खोर का कहना है वह क्लेम सरकार को लौटाएंगे। जावर के किसान रोहणी चंदन सिंह चंदेल ने 16 एकड़ फसल का क्लेम मात्र 20 हजार मिला है। जबकि नुकसान २ लाख से लाख से हुआ है।

एक्सपर्ट-व्यू

दिनेश यादव, अधविक्ता, उपभोक्ता आयोग में प्रैक्टिस

बीमित फसलों का सर्वे पटवारी हल्का स्तर होना चाहिए। क्योंकि पटवारी हल्का स्तर पर क्रॉप कटिंग होती है। इसी आधार पर फसलों का उत्पादन तय होता है। सेटेलाइट सर्वे में फसलों के नुकसानी का सर्वे त्रुटिपूर्ण है। सेटेलाइट में फसलों की क्षतिपूर्ति का आंकलन सही नहीं होता है। केंद्र शासन के नियम में फसलों का सर्वे सेटेलाइट से एप्रूव्ड भी नहीं है। सेटेलाइट विधि से सर्वे गलत है। इसमें किसानों की प्रीमियम राशि का हिस्सा भी नहीं मिल रहा है। सरकार व्यवस्था में कसावट लाए।

फैक्ट फाइल

फसल खरीफ-रबी वर्ष 2023-24-- वर्ष 2024-25

बीमित कृषक 17795826---------- 17961905

प्रीमियम राशि कृषक अंश 653--983 650.923

केंद्रीय अंश 815.814 ------------------00

राज्य अंश 1040.068---------------- 349.501

दावा राशि 764.133----------------- 764.113

लाभान्वित कृषक ---2223338

जिला दावा भुगतान लाभान्वित कृषक

खंडवा 1.63 ------22363

सीधी 1.16 -------9142

मुरैना 0.17-------4391

सिंगरौली 0.83-- 4391

(नोट- आंकड़े विधानसभा सत्र-2025 में प्रस्तुत रिपोर्ट से लिए गए हैं। )