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cyber ​​fraud : भैंस की ऑनलाइन खरीदी में साइबर फ्रॉड, शातिर ठगों ने किसान को लगा दिया हजारों रूपए का चूना

cyber ​​fraud : भैंस की ऑनलाइन खरीदी में साइबर फ्रॉड का शिकार हुआ किसान। डेयरी फार्म पर आनलाइन बुक की थी भैंस, 40 हजार रुपए तय हुआ था रेट। 15 हजार खर्च कर दिए फिर भी घर नहीं पहुंची भैंस।
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खंडवा

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 29 May 2024, 12:33 PM IST

cyber ​​fraud

भैंस भी आनलाइन खरीदी ( online purchase ) जा सकती है, ये बात सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन एक किसान ( farmer ) ऐसा है जिसे आनलाइन भैंस खरीदना ( Buffalo purchase ) इतना महंगा पड़ा कि, अब उसने तौबा कर ली है। उसे भैंस तो मिली नहीं, उलटा उसके साथ 15 हजार रुपए की ठगी और हो गई। किसान आनलाइन ठगी ( online fraud ) का शिकार हो गया। बताया जा रहा है कि शातिर ठगों ने पुलिस अधिकारी बनकर और भैंस विक्रेता बनकर पीड़ित किसान को ठग लिया।

ठगी के ये अजीबो गरीब मामला मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम छोटी छैगांव का है। यहां रहने वाले पन्नालाल पटेल के साथ ठगी की वारदात हुई है। पन्नालाल के मुताबिक, मोबाइल पर डेयरी फार्म करके एक वेबसाइट हैं। इस पर जयपुरी डेयरी लिखा हुआ है। इस फार्म पर 26 मई को आनलाइन एक भैंस बुक करवाई थी। भैंस को लेकर सोनू जाट नामक युवक से बात हुई थी। उसने दो भैंसों का एक वीडियो भेजा।

पहले उसने एक भैंस के 60 हजार रुपए कीमत बताई। भाव ताव करने पर उसने 20 हजार रुपए कम किए थे, 40 हजार रुपए में भैंस देना तय हुआ था। उसने बुकिंग के एक हजार रुपए आनलाइन ट्रांसफर करने को कहा, जिसे किसान ने तत्काल कर भी दिए। इसके बाद उसने डेयरी फार्म के उसके सभी दस्तावेज, उसका पेन कार्ड, आधार कार्ड व्हाटसएप किया। इससे उस पर भरोसा किया जा सके। उसने 27 मई को फोन करके कहा कि आपकी भैंस ट्रक से आ रही है। साथ में दो लोग भी हैं, जो दो दिन तक भैंस का दूध निकालकर दिखाएंगे। उनका खाने की व्यवस्था कर देना। उसने कहा ठीक है वह कर देगा।

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यहां से शुरू हुआ रुपए ठगी का असली खेल

पीड़ित किसान पन्नालाल ने बताया कि, उसे सोमवार को एक व्यक्ति का फोन आया। उसने कहा कि वो थाना प्रभारी बात कर रहा है। उसने कहा कि 'तुम्हारी भैंस की गाड़ी हमने जयपुर के पास थाने में पकड़ी है। इसे छुड़वाना है तो 3 हजार रुपए का चालान कटाना होगा। उसने कहा जो गाड़ी लेकर आ रहे हैं उनसे ले लो जो उसने कहा कि उनके पास रुपए नहीं हैं। रुपए नहीं देते तो भैंस वापस चली जाती, इसलिए हमने 1500 रुपए उसे आनलाइन ट्रांसफर कर दिए। उसने कहा कि रुपए आ गए हैं, अब कोई दिक्कत नहीं। कोई भी गाड़ी रोकता है तो उससे मेरी बात करा देना। ये सब होने के आधे घंटे बाद फिर से भैंस लेकर आ रहे लोगों का आया। उन्होंने कहा कि डीजल खत्म हो गया आनलाइन रिचार्ज करवाओ, लोकेशन नहीं मिल रही है। इस तरह के बहाने बनाकर करीब 15 हजार रुपए उससे अलग-अलग मोबाइल नंबर पर डलवा लिए। ारोपियों के बार बार रुपए मांगने पर किसान को शक हुआ, इसपर उसने भैंस सीधे घर लाने को कहा। लेकिन, इसके बाद ना तो आरोपियों की तरफ से कोई फोन आया और न ही उनकी भैंस आई। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए जांच शुरु कर दी है।