
दादाजी वार्ड में बदहाल सामुदायिक
दादाजी वार्ड-27 में करीब डेढ़ हजार परिवार हर साल निगम को 55 लाख रुपए टैक्स देता है। इसके बावजूद साढ़े सात हजार लोग कचरे से घिरे हैं। मंदिर के आस-पास मोहल्ले को छोडे़ दे तो इस वार्ड में गालियों से मुख्य मार्ग तक गंदगी फैली है। कहने को इस वार्ड के पार्षद आशीष चटकले एमआईसी सदस्य हैं। लेकिन यहां लोगों की दिनचर्या गंदगी के बीच शुरू होती है।
मार्गों पर कदम-कदम पर अतिेक्रमण, गड्ढे हैं। नालियों का गंदा पानी मार्ग पर बह रहा। नालियां चोक हैं। कई मोहल्ले में तो शाम ढलते ही घुप अंधेरा छा जाता है।यह हम नहीं कह रहे बल्कि वार्ड के लोगों के लोगों का कुछ ऐसा ही दर्द है। रविवार को पत्रिका की टीम पहुंची। सुविधाओं के सवाल पर लोग भड़क गए। वार्ड में रोशनाई मार्ग पर स्थित बदहाल सामुदायिक भवन को दिखाते हुए बोल वार्ड में समस्या ही समस्या है। आबादी कचरे के बीच जीने को विवश है।
संजय नगर रोड पर शिवा जी नगर की छोर में मोहल्ले की गलियों में एक फीट कचरे की मोटी लेयर जमी है। नाली नोक है। जलापूर्ति का चाबी पाइंट नाली में बना हुआ है। इससे नालों में नाली का गंदा पानी पहुंच रहा है। राजू और दक्ष के अनुसार नलों में गंदा पानी पहुंच रहा।नाली में वॉल, नालों में पहुंच रहा गंदा पानी : संजय नगर रोड पर शिवा जी नगर की छोर में मोहल्ले की गलियों में एक फीट कचरे की मोटी लेयर जमी है। नाली नोक है। जलापूर्ति का चाबी पाइंट नाली में बना हुआ है। इससे नालों में नाली का गंदा पानी पहुंच रहा है। राजू और दक्ष के अनुसार नलों में गंदा पानी पहुंच रहा।
निगम के एमआईसी सदस्य आशीष चटकले के पास सामान्य प्रशासन विभाग की जिमेदारी है। पत्रिका ने फोन पर वार्ड के विकास को लेकर चर्चा की तो बोले, कुछ देर में बताता हूं। फिर बोले बाद में बात करेंगे। दोबारा फोन रिसीव नहीं हुआ।
दादाजी मंदिर रोड पर स्थित तिराहे से मोहल्ले तक पंधाना रोड जोडऩे वाले मार्ग पर स्ट्रीट लाइट नहीं लगी है। शाम ढलते ही अंधेरे में डर लगता है।
भिलट बाबा मंदिर गली में नाली चोक है। दीपक के घर के सामने मार्ग पर गंदा पानी बह रहा है। रविवार दोपहर घर में गंदा पानी घुसने की सूचना मिली। अस्पताल में पत्नी को छोड कर घर पहुंचा। नाली में कचरे को साफ किया। सफाई के सवाल पर दीपक भड़क गया। पार्षद पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कभी सफाई नहीं होती है।
गलियों में बिजली के तार सिर तक लटक रहे हैं। घरों के बारजा में बिजली सप्लाई के केबिन लटका दी। हर समय हादसे का डर बना रहता है।
पार्षद को आज तक देखा ही नहीं है। घर के सामने सामुदायिक भवन बदहाल है। गंदगी के कारण कभी-कभी बेटे के पास मुंबई चली जाती हूं।
सफाई नहीं होती। कचरे से नालियां चोक है। वार्ड के कई मोहल्ले में मार्ग पर गंदा पानी बह रहा है। कचरा भी फैला हुआ है। चलना मुश्किल होता है।
सामुदायिक भवन परिसर में चार आंगनबाड़ी लगती है। जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। बारिश में ड्योढ़ी तक पानी भर जाता है।
सफाई होती है। वार्ड-27 में हर साल 55 लाख रुपए टैक्स की डिमांड रहती है। प्रति माह 50-60 हजार जमा होता है। पिछले कई साल का 70 लाख वसूली बाकी है।
Published on:
15 Sept 2025 12:01 pm
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