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अपहरण के बाद हत्या, जंगल में जलाया शव, कुंड में बहाई राख के साथ हड्डियां

पुलिस अधीक्षक ने किया वारदात का खुलासा, पिता-पुत्र समेत पांच आरोपी गिरफ्तार, एक आरोपी की तलाश जारी

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Dead body burnt in the forest after kidnapping, shed ashes in the pool

Dead body burnt in the forest after kidnapping, shed ashes in the pool

खंडवा. न्यायालय में पेशी के बाद घर लौट रहे युवक का अपहरण करने के बाद उसकी हत्या का खुलासा पुलिस ने कर लिया है। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने घटना के हर पहलू को उजागर करते हुए बताया कि पांच आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। जबकि एक की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
यह है मामला
16 फरवरी 2022 को फरियादी माणक कोगे निवासी हरदा ने थाना हरसूद में सूचना दी कि 15 फरवरी को उसका लड़का नितिन कोगे (32) कोर्ट पेशी के लिए हरसूद गया था। जो वापस घर नहीं आया। सूचना पर गुमइंसान कायम कर जांच में लिया गया।
संदेही तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संदेही अरविन्द उर्फ टुनमुन पिता नारायण देशवाली निवासी ग्राम बोरीसराय व उसके साथी कालू उर्फ सुरेन्द्र मीणा निवासी रहटगांव जिला हरदा ने पूर्व में हुए झगड़े की रंजिश से नितिन कोगे का अपहरण किया है। इन दोनों के विरुद्ध आइपीसी की धारा 365, 34 व एससी एसटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
एसपी ने बनाई थी टीम
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने विशेष टीम का गठन किया गया। प्रकरण में अनुसंधान के दौरान आए तथ्यों के आधार पर आरोपी सुनील राठौर, नन्नू उर्फ राज कोरकू, भीमराज उर्फ मोटू को 8 मार्च को गिरफ्तार किया गया। इन आरोपियों ने पुलिस को बताया कि नितिन कोगे का अपहरण अरविन्द उर्फ टुनमुन ने कालू उर्फ सुरेन्द्र के साथ मिलकर कट्टा की नोक पर कर लिया था। बाइक से खेत पर लाने के बाद नितिन के साथ मारपीट की गई।
खेत में जला दिए थे कपड़े
यह तथ्य सामने आए कि मारपीट के बाद जब नितिन अचेत हो गया तो उसके कपड़े, मोबाइल खेत में ही जला दिए। इसके बाद नितिन को अचेत हाल अरविंद व कालू बाइक से मोनखेडी के जंगल ले गए और लकड़ी लगाकर उसे भी जला दिया।
यह जानकारी सामने आने पर पुलिस अधीक्षक ने अरविन्द एवं कालू की गिरफ्तारी के लिए 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।
नाले में छिपा था मुख्य आरोपी
पुलिस का कहना है कि मुखबिर की सूचना पर 11 अप्रैल को आरोपी अरविन्द उर्फ को उसके घर के पीछे नाले से पकड़ा गया है। अरविंद ने पुलिस को बताया कि नितिन कोगे को अधमरी अवस्था में काली घोड़ी के जंगल में ले जाकर शव जलाया और दो बोरियों में भरकर हड्डियां व राख हाथीकुंड के नाले में फेंक दिया। आरोपी अरविन्द की निशादेही पर पुलिस ने सबूत जुटाए हैं।
ढाबा टूटने पर हुई रंजिश
डॉक्टर के यहां काम करने वाले कम्पाउंडर का अपहरण वर्ष 2020 में करने पर आरोपी टुनमुन का ढाबा पुलिस प्रशासन ने तोड़ दिया था। टुनमुन को शक था कि नितिन ने शिकायत की है। तभी से वह रंजिश मानने लगा। एक प्रकरण में नितिन कोगे आरोपी था और न्यायालय हरसूद पेशी पर गया था। जहां से वापसी में उसका अपहरण कर हत्या की घटना घटित की गई।
इनको गिरफ्तार किया
पुलिस ने अपहरण व हत्या के मुख्य आरोपी अरविन्द उर्फ टुनमुन पिता नारायण देशवाली (28), सुनील पिता काशीराम राठौर (30), नन्नू उर्फ राजू पिता लखन कोरकु (22) निवासी, भीमराज उर्फ मोटू पिता रमेश कोरकू (20), टुनमुन के पिता नारायण पिता हीरालाल देशवाली (52) सभी निवासी ग्राम बोरीसराय को गिरफ्तार किया है। अब पुलिस को आरोपी कालू उर्फ सुरेन्द्र की तलाश है।
इस टीम को मिली सफलता
पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह के निर्देशन में एडिशनल एसपी देहात प्रकाश परिहार व एसडीओपी हरसूद रविन्द्र वास्कले के नेतृत्व में फॉरेंसिक अधिकारी डॉ. विकास मुजाल्दा, थाना प्रभारी हरसूद निरीक्षक शिवराम जमरा, निरीक्षक बीएल अटोदे, निरीक्षक गणपत कनेल, उप निरीक्षक रूपसिंह सोलंकी, उप निरीक्षक निर्मल कनौजे, एएसआइ मनीष शाह, दिनेश राजपूत, प्रधान आरक्षक राजेश दिनकर, मोहम्मद रफीक, राजेन्द्र पांजरे, अवधनारायण मीणा, धर्मेन्द्र मंडलोई, आरक्षक दिलीप बोरखेडे, रत्नेश, लक्ष्मीनारायण, रघुवीर जाटव, राजमल चौहान, नीरज धनवारे, शशीकांत डावर, अंतर सिंह जमरा, सायबर सेल के प्रधान आरक्षक जितेन्द्र राठौर, विक्रम वर्मा, सुनित, रामनरेश यादव, करण, शुभम की आरोपियों की गिरफ्तारी व साक्ष्य बरामदगी में विशेष भूमिका रही।