
Dengue death in Khandwa
खंडवा. बोरगांवबुजुर्ग के डेंगू के संदिग्ध युवक की इलाज के दौरान जलगांव में मौत हो गई। इसे छुपाने के लिए स्वास्थ्य विभाग पुरजोर कोशिश कर रहा है। जानकारी के मुताबिक दीपावली के पहले युवक का खंडवा के निजी एवं सरकारी अस्पताल में अलग-अलग इलाज चलाए लेकिन फ ायदा नहीं होने पर परिजन उसे दूसरे शहर इलाज के लिए लेकर गए। जहां उसने दम तोड़ दिया। इससे पहले आदिवासी ब्लाक खालवा के गांव केकडिय़ा में चार लोगों और भगांवा में एक बच्चे खंडवा के कुंडलेश्वर वार्ड में भी एक की मौत डेंगू से हो चुकी है।
खंडवा में ८९ डेंगू पॉजीटिव
सरकारी रिकार्ड के मुताबिक जिले में मई से अक्टूबर तक कुल 89 डेंगू के पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इसमें से 64 मरीज शहरी 25 ग्रामीण क्षेत्र के हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इस साल डेंगू से 3 लोगों की मौत हुई है। सूत्रों के मुताबिक सरकारी रिकार्ड से कहीं ज्यादा डेंगू के मरीज पॉजिटिव रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग खुद को बचाने के लिए मामले को दबाने में जुटा है। एक निजी लैब संचालक ने बताया सबसे ज्यादा पॉजिटिव केस हमारे पास ही रहे हैं लेकिन सीएमएचओ ने इसकी जानकारी बताने से सभी को मना कर रखा है। पिछले 10 दिनों के भीतर 50 केस संदिग्ध डेंगू के आए हैं। इसमें से 50 फीसदी पॉजिटिव मिले।
शहर में नहीं चल रही फ ागिंग मशीन
सरकारीरिकार्ड के मुताबिक शहरी क्षेत्र में अब तक सबसे ज्यादा 64 डेंगू के पॉजिटिव मरीज मिले हैंए लेकिन शहर में मच्छर भगाने की फागिंग मशीन नहीं चल रही है। शहर के हर वार्ड और मोहल्लों में डेंगू और मलेरिया सहित फाइलेरिया जैसे रोग को फैलाने वाले लार्वा मौजूद हैंए लेकिन जिला मलेरिया विभाग और नगर निगम काम करने की बजाय चुपचाप बैठा हुआ है।
दोनों विभागों से करेंगे बात
डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य एवं नगर निगम के अफसरों से बात करेंगे। सफ ाई का काम नगर निगम का है। - कवींद्र कियावत, सचिव परिवार कल्याण एवं स्वास्थ्य विभाग
Published on:
12 Nov 2017 10:49 am
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