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तीन राज्यों को जोड़नेवाले दो हाईवे के साथ एमपी के इस शहर को मिली एक और बड़ी सौगात

Deshgaon near Khandwa will become the logistics hub of the future मध्यप्रदेश का यह शहर ऐसी जगह बसा है जिसके आजूबाजू से दो नेशनल हाइवे निकल रहे हैं।

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Deshgaon near Khandwa will become the logistics hub of the future

Deshgaon near Khandwa will become the logistics hub of the future

मध्यप्रदेश का यह शहर ऐसी जगह बसा है जिसके आजूबाजू से दो नेशनल हाइवे निकल रहे हैं। नेशनल हाइवे विकसित होने से खंडवा के पास के शहर देशगांव को भविष्य का लॉजिस्टिक हब कहा जा रहा है। यहां एक ओर से जहां इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाइवे निकल रहा है वहीं दूसरी ओर रुधि-देशगांव बायपास है, जो आगे चलकर बड़ोदरा और बैतूल, यानि एमपी, गुजरात और महाराष्ट्र को सीधे जोड़ेगा। दो नेशनल हाइवे के बीच बसे देशगांव को एक और सौगात मिली है। इसे इंडस्ट्रियल एरिया के रूप में विकसित करने की भी प्लानिंग है।

देशगांव में प्रस्तावित लॉजिस्टिक हब की राह में हालांकि वन विभाग की जमीन का पेंच फंस गया है लेकिन जिला उद्योग केंद्र नई जमीन की तलाश कर रहा है। वहीं, देशगांव-रूधि बायपास पर सुरगांव निपानी के पास बनने वाले औद्योगिक केंद्र पर भी प्रशासकीय स्वीकृति की मोहर लगना बाकी है।

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जिला उद्योग केंद्र द्वारा देशगांव इंडस्ट्रियल एरिया के लिए 25 हेक्टेयर जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव बनाया गया था। राजस्व की इस जमीन के बीच वनविभाग का एक खसरा आ गया। इसके बाद प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया।

हालांकि देशगांव में औद्योगिक क्षेत्र की संभावना समाप्त नहीं हुई। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक एमएस रावत बताते हैं कि वन विभाग की जगह बीच में आने से देशगांव औद्योगिक केंद्र का प्रस्ताव अब रिवाइज किया जा रहा है। सुरगांव निपानी के लिए प्रशासकीय स्वीकृति लेने का प्रयास कर रहे हैं। रुधि-भावसिंगपुरा औद्योगिक केंद्र हमारे पास नहीं है।

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इधर देशगांव लॉजिस्टक हब बनने से पहले ही यहां भूमाफिया भी सक्रिय हो गए। औद्योगिक केंद्र प्रस्तावित होने की जानकारी लगते ही इसके आसपास की जमीन खरीद कर बिजनेस पार्क बनाने की तैयारी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक कई बिल्डर ने विकास के लिए रेरा की अनुमति भी नहीं ली है। नियम विरुद्ध बन रहे बिजनेस पार्क की शिकायत भी हुई है। सरकारी औद्योगिक केंद्र का प्रस्ताव निरस्त होने से इनके प्रोजेक्ट भी प्रभावित हो सकते हैं।

नहीं बदली रुधि औद्योगिक केंद्र की किस्मत
करीब 15 साल पहले भी औद्योगिक केंद्र विकास निगम (एकेवीएन) इंदौर ने रुधि-भावसिंगपुरा में 140 एकड़ में औद्योगिक केंद्र बनाया था। जमीन के भाव और एप्रोच रोड को लेकर यहां विवाद बना रहा और महज तीन-चार इकाईयों के अलावा पूरा केंद्र खाली पड़ा हुआ है। एकेवीएन को सरकार ने मप्र औद्योगिक विकास निगम (एमपीआइडीसी) बना दिया और इसके सारे अधिकार भोपाल पहुंच गए, लेकिन रुधि-भावसिंगपुरा औद्योगिक केंद्र की किस्मत नहीं बदली। अब रुधि-देशगांव-बैतूल रोड से सीधी एप्रोच इसकी हो गई है, लेकिन यहां जमीन के भाव को लेकर कोई उद्योगपति इस क्षेत्र में उद्योग लगाने को तैयार नहीं है।

सुरगांव निपानी पर टिकी निगाह
रुधि-देशगांव बायपास को इंड्रस्टियल कॉरीडोर के रूप में देखा जा रहा है। देशगांव औद्योगिक केंद्र के प्रस्ताव निरस्त होने के बाद अब सारी उम्मीद सुरगांव निपानी औद्योगिक केंद्र पर टिकी हुई है। यहां 44 हेक्टेयर भूमि को विकसित करने का प्रस्ताव भेजा गया है। ये प्रस्ताव पास हो चुका है। हालांकि औद्योगिक केंद्र की प्रशासकीय स्वीकृति अब तक नहीं मिली है। यहां एमएसएमइ उद्योग स्थापित होंगे। 307 प्लॉट्स भी काटे जाने का प्लान है।