6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कार्तिक में ब्रह्मचर्य का पालन दिलाएंगे सफलता का शिखर, ये उपाए करें तो मिलेगी कष्टों से मुक्ति

कार्तिक मास की शुरूआत हो गई है ये महीना दान, दीपदान व स्नान के लिए महत्वपूर्ण है आध्यात्मिक उर्जा व शारीरिक शक्ति संग्रह के लिए उत्तम है कार्तिक महीना

2 min read
Google source verification
Khandwa,khandwa latest news, khandwa kartik maas mahatva puja vidhi vrat katha month hindi 2017

Khandwa,khandwa latest news, khandwa kartik maas mahatva puja vidhi vrat katha month hindi 2017

खंडवा. कार्तिक मास की शुरूआत शुक्रवार से हो गई है। ये महीना कई मायनों में उर्जा प्रदान करने वाला है। बस कुछ कार्यों से इस महीने को आप अपने विकास को तीव्र गति दे सकते हैं। खासकर आध्यात्मिक ऊर्जा एवं शारीरिक शक्ति संग्रह करने में कार्तिक मास का विशेष महत्व है। इसमें सूर्य की किरणों एवं चन्द्र किरणों का पृथ्वी पर पडऩे वाला प्रभाव मनुष्य के मन मस्तिष्क को स्वस्थ रखता है।
पंडित अंकित मार्केंडेय के मुताबिक इसलिए शास्त्रों में कार्तिक स्नान और कथा श्रवण महात्म्य पर विशेष जोर दिया गया है। वहीं आचरण की शुद्धि के लिए संयम को महत्वपूर्ण बताया। इस पूरे महीने यदि ब्रह्म मुहूर्त में स्नान, दान और दीपदान किया जाए तो सफलता से आपको कोई नहीं रोक सकता है।

कार्तिक में बढ़ जाता है तु़लसी का महत्व
इस महीने में तुलसी पूजा का महत्व अत्यअधिक है इसके पत्ते पंचामृत में डालने पर एवं भगवान का अभिषेक करने पर चरणामृत बन जाता है। देवशयनी एकादशी से देवोत्थान एकादशी तक छ:माह तुलसी की विशेष पूजा होती है। कार्तिक में तो इनका अत्याधिक महत्व बढ़ जाता है। इसलिए कार्तिक स्नान के साथ तुलसी के पौधे के पास जो लोग कार्तिक महात्म्य सुनते हैं उनके घरों में सुख शांति रहती है।

ये दान करें तो मिलेगी सुखशांति
कार्तिक माह में दान का भी विशेष महत्व होता हैं। इस पूरे माह में गरीबों एवं ब्राह्मणों को दान देना चाहिए। इन दिनों में में तुलसी दानए, अन्न दान, गाय दान व आँवले के पौधे के दान का महत्व सर्वाधिक बताया है। कार्तिक में पशुओं को भी हरा चारा खिलाने का महत्व होता है।
दीपदान से धन-वैभव की प्राप्ती
दीपदान के पीछे का रहस्य यह है कि इससे घर में धन, धान्य, वैभव, सुख समृधि की प्राप्ति होगी। कार्तिक में लक्ष्मीजी के लिए दीप जलाया जाता है और प्रार्थना की जाती है। भगवती हमारे जीवन में अंधकार दूर होकर प्रकाश देने की कृपा करें। कार्तिक में घर के मंदिर, सभी मंदिरों में व नदी के तट पर दीपक लगाने का माह्त्य पुराणों में उल्लेखित है।

कार्तिक पूजा की विधि व नियम
1. कार्तिक माह में कई तरहके नियमो का पालन किया जाता है, जिससे मनुष्य के जीवन में त्याग एवम संयम के भाव उत्पन्न होते हैं।
2. पूरे मास, मदिरा आदि व्यसन का त्याग किया जाता हैं। कई लोग प्याज, लहसुन, बैंगन आदि का सेवन भी निषेध मानते हैं ।
3. इस माह फ र्श, जमीन पर सोना उपयुक्त माना जाता है कहते हैं इससे मनुष्य का स्वभाव कोमल होता हैं उसमें निहित अहम का भाव खत्म हो जाता हैं।
4. कार्तिक में ब्रह्म मुहूर्त में स्नान किया जाता है जो कि प्रात: 4 बज ेसे 6 बजे तक का होता है
5. तुलसी एवं सूर्य देव को जल चढ़ाया जाता हैं।
6. काम वासना का विचार इस माह में छोड ़दिया जाता है। ब्रह्मचर्य का पालन किया जाता हैं इस प्रकार पूरे माह नियमो का पालन किया जाता हैं
.........