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खंडवा. नर्मदा जल योजना में चल रहे विवाद, लेतलाली, कनेक्शन देने और मीटर लगाए जाने में देरी के बीच जब विश्वा कंपनी ने संस्थागत कनेक्शन में पहला बल्क मीटर दिया है तो ये भी विवादों के घेरे में आ गया है। ऑडिट द्वारा इस आपत्ति लगा दी गई है।
दो इंच का कनेक्शन दिए जाने की स्थिति में प्रेशर पर पडऩे वाले असर को मुख्य बिंदु मानते हुए आपत्ति लगाई गई है। साथ ही इस तरह से कनेक्शन दिए जाने को लेकर तकनीकी शाखा से अभिमत मांगा गया है। बता दें कि 25 जुलाई को योजना की संशोधित अधिसूचना जारी हुए एक साल हो जाएगा लेकिन अब तक शहर में नई डिस्ट्रीब्यूशन लाइन से कनेक्शन नहीं हो पाए हैं जबकि मीटर लगाए जाने की प्रक्रिया भी सुस्त चाल से आगे बढ़ रही है। एेसे में विश्वा कंपनी एक बार फिर अंतरिम जल संचालन के लिए समयावधि बढ़ाए जाने की मांग कर सकती है।
ऑडिट की आपत्ति के ये तीन प्वाइंट
1. संस्थागत संयोजन दो इंच का देने की स्वीकृति किसकी अधिकारिता में आती है, अवगत कराएं।
2. संयोजन में रोड क्रॉसिंग व अन्य की स्वीकृति के लिए नजरी नक्शा संलग्न करें व रोड क्रॉसिंग की राशि की स्थिति भी स्पष्ट करें।
3. संयोजन करने से लाइन के प्रेशर की स्थिति क्या होगी? कनेक्शन दिया जा सकता है कि स्पष्ट टीप तकनीकी शाखा द्वारा दी जाए।
तीन गुना ज्यादा तक बिल वसूली
कॉलोनी में निगम द्वारा कनेक्शन दिए जाने पर अधिकतम 4 हजार रुपए तक का बिल यहां बनता लेकिन अब यहां संस्थागत बल्क मीटर लगाए जाने पर 14 दिन में 13 हजार रुपए तक का बिल बना है। महीने में ये दोगुना तक जाने की संभावनाएं हैं।
अधिसूचना के हिसाब से प्रति किलोलीटर ये तय हैं दरें
घरेलू 11.95 रुपए
संस्थागत 17.90 रुपए
वाणिज्यिक 23.90 रुपए
औद्योगिक 35.85 रुपए
(एक किलोलीटर मतलब एक हजार लीटर पानी)
ऑडिट की आपत्ति तकनीकी मुद्दे पर आई है। हमने जवाब दिया है। जहां से कनेक्शन दिया है, वहां से पंपिंग स्टेशन एक किमी दूर भी नहीं है। प्रेशर पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
प्रवीण कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर, विश्वा
ऑडिट की आपत्ति को हम दिखवा रहे हैं। तकनीकी शाखा को भी ये मामला भेजा है। तकनीकी सहित अन्य मुद्दों पर जवाब तैयार कराया जा रहा है।
जेजे जोशी, आयुक्त, ननि
Published on:
11 Jul 2018 12:58 pm
