
बीड़ (खंडवा)। निमाड़ के प्रसिद्ध निर्गुण संत सिंगाजी महाराज समाधि स्थल पर मुख्य दिवस शरद पूर्णिमा के मौके पर दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पहुंचकर दर्शन किया। शाम पांच बजे झाबुआ राजघराने से आया निशान चढ़ाया गया। वहीं भक्तों ने सिंगाजी महाराज से सुख, शांति, समृद्धि की कामना की। मेले में सुबह से रात तक ढाई लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने माथा टेका। श्रद्धालु महिला, पुरुषों ने में संत सिंगाजी को प्रसादी स्वरूप नारियल, चिरौंजी का प्रसाद चढ़ाया।
मंगलवार सुबह से ही भक्तों के सिंगाजी समाधि स्थल पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने मन्नत पूरी होने पर समाधि स्थल पर दर्शन कर घी चढ़ाया। वहीं जानकारी के अनुसार शरद पूर्णिमा के मौके विशेष महाआरती व सिंगाजी महाराज को प्रमुख निशान जो राजघराने से आता है वह चढ़ाया गया। इस बार बीस बैरल देशी घी, 15 क्विंटल से अधिक चिरौंजी 70,000 से अधिक नारियल संत सिंगाजी समाधि स्थल पर चढ़ाए।
दिनभर देसी हलवे की प्रसादी का वितरण चलता रहा। कोरोना की वजह से इस बार बड़े स्तर पर मेला तो नहीं लगाया गया, लेकिन संत सिंगाजी समाधि स्थल पहुंचकर दर्शन कर चिंरौजी व देशी घी चढ़ाने की अनुमति दी गई है। इस दौरान विधि विधान से भक्तों द्वारा लाए गए निशान भी चढ़ाए गए। मंदिर परिसर व मेला ग्राउंड में 40 से 50 दुकानें लगी हैं। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से बीड़, मूंदी पुलिस सहित बाहर से आए पुलिसकर्मी तैनात दिखे वहीं सिंगाजी समाधि स्थल पर स्थानीय क्षेत्र के अन्य युवा भी व्यवस्थाओं में सहयोग किया।
कौन थे सिंगाजी महाराज
Updated on:
21 Oct 2021 10:54 am
Published on:
21 Oct 2021 10:46 am
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