
खंडवा. मंदिर के लिए मॉर्बल की क्वालिटी देखते कलेक्टर, आर्किटेक्ट व समिति सदस्य।
श्री दादाजी धाम में नव मंदिर निर्माण के लिए सांसद की अध्यक्षता में कलेक्टर, मंदिर निर्माण समिति सदस्यों ने दो दिन मकराना में मॉर्बल की उपलब्धता, दाम आदि की जानकारी ली है। इस दौरान 15 खदानों और वेंडरों से चर्चा के बाद 8 वेंडर शार्टलिस्ट किए गए है। सभी वेंडर्स से 25 दिन में नक्काशी किए खंबों के सैंपल लाने को कहा है। जिसके बाद जून के अंत तक बैठक में एक या दो वेंडर को फाइनल किया जाएगा।
श्री दादाजी मंदिर निर्माण के लिए मकराना पहुंचे कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि मकराना का मार्बल बाजार काफी असंगठित है। यहां एक नंबर, डेढ़ नंबर और दो नंबर जैसी विभिन्न श्रेणियों का संगमरमर उपलब्ध है, लेकिन इनके स्पष्ट तकनीकी मानक निर्धारित नहीं हैं। यही कारण है कि प्रशासनिक और तकनीकी टीम को स्वयं मौके पर पहुंचकर पत्थरों की गुणवत्ता, उपलब्धता और सप्लाई क्षमता का आकलन करना पड़ा। कलेक्टर के अनुसार लगभग 15 वेंडर्स और खदान संचालकों से चर्चा की गई, जिनमें से 8 सप्लायर्स को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इनसे दरें प्राप्त कर तकनीकी मूल्यांकन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
श्री दादाजी मंदिर का निर्माण डेढ़ नंबर मकराना मॉर्बल से होना है। मंदिर में पिलर, शिखर, मंडोवर, तिलक, दीवार, सज्जा, केबल, धात्री इस तरह 16 डिटेल पत्थर लगेंगे। हर पत्थर की नक्काशी अलग होगी, कार्बनिंग अलग होगी और दाम भी अलग होंगे। इनके लिए बीओक्यू दरें ली जा रही है। कलेक्टर ने बताया कि सैंपल पिलर्स और बीओक्यू दरों के आधार पर जून के अंतिम सप्ताह अथवा जुलाई के प्रारंभ में अंतिम वेंडर का चयन कर लिया जाएगा।
दौरे में शामिल सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने बताया कि मंदिर निर्माण में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इसके लिए 15 से 16 खदान मालिकों और सप्लायर्स से मुलाकात कर पत्थर की विभिन्न तकनीकी वैरायटी का परीक्षण किया गया। शॉर्टलिस्ट सप्लायर्स में से अंतिम चयन उनकी गुणवत्ता, निर्धारित दरों, उपलब्ध मात्रा और प्रत्येक माह नियमित रूप से पत्थर उपलब्ध कराने की क्षमता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि गुरु पूर्णिमा से पहले पत्थर आपूर्ति से संबंधित एग्रीमेंट की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
मंदिर निर्माण समिति ने चयनित सप्लायर्स को पूर्ण आकार के पिलर (खंभों) के नमूने तैयार करने के निर्देश दिए हैं। ये सैंपल अगले 25 से 30 दिनों में उपलब्ध होंगे। इन पिलर्स के माध्यम से पत्थर की वास्तविक गुणवत्ता, फिनिशिंग और टिकाऊपन का परीक्षण किया जाएगा।
टीम ने मकराना की 10 से 15 प्रमुख मार्बल फर्मों का निरीक्षण किया। इस दौरान यह भी देखा गया कि संबंधित फर्मों ने देश के अन्य बड़े मंदिरों और धार्मिक स्थलों में किस प्रकार का पत्थर उपलब्ध कराया है। जिन फर्मों का रिकॉर्ड बेहतर पाया जाएगा और जिनकी गुणवत्ता संतोषजनक होगी, उनके सैंपल को अंतिम रूप देकर जल्द ही ऑर्डर जारी किया जाएगा। इस दौरान धर्मेंद्र बजाज, मुकेश तनवे, एसडीएम बजरंग बहादुर, तपन डोंगरे, राकेश बंसल, भरत झंवर, मदन भाऊ ठाकरे, अखिलेश गुप्ता, सतीश कोटवाले, गणेश कनाडे, हिमांशु अग्रवाल, राजू पाटिल, भरत पटेल, इंजीनियर प्रतीक गुप्ता, आर्किटेक्ट नितिन सिंगला, वीरेंद्र त्रिवेदी भी मौजूद रहे।
Updated on:
08 Jun 2026 11:58 am
Published on:
08 Jun 2026 11:58 am
