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महाराष्ट्र सरकार के फैसले के खिलाफ सिख समाज भड़का, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

महाराष्ट्र सरकार ने तख्त श्री हुजूर साहिब नांदेड़ में लाए नए एक्ट के विरोध में लामबंद हुए सिख समाज, राष्ट्रपति के नाम कलेक्ट्रेट में दिया आवेदन

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खंडवा

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Rajesh Patel

Feb 13, 2024

Khandwa : Demonstration of Sikh community in Collectorate

Khandwa : Demonstration of Sikh community in Collectorate

महाराष्ट्र सरकार ने सिखों की पवित्र संस्था तख्त श्री हुजूर साहिब नांदेड़ महाराष्ट्र को लेकर 1956 एक्ट को रद्द कर नया गुरद्वारा एक्ट 2024 लागू कर दिया गया। इससे सिख संगत में भारी असंतोष है। लामबंद सिख समाज सोमवार गुरद्वारा से लेकर कलेक्टर तक जुलूस के साथ पहुंचे। महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और राष्ट्रपति को संबोधित मांगों का ज्ञापन सौंपा है।

सरकार सिख विरोधी फैसले ले रही

सभा के अध्यक्ष जोगिंदर सिंघ कुकरेजा ने कहा कि सरकार सिख विरोधी फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि नए एक्ट में 17 सदस्यों में सरकार की तरफ से 12 मैंबर नियुक्त किए जाएंगे। नया एक्ट लाने के पीछे सरकार की मंशा यही है कि वह सिख मर्यादाओं के विपरीत रहकर गुरुघरों को अपने अधिकार में ले लें। उन्होंने कहा कि हुजूर साहिब में वर्ष 1956 में एक्ट लागू किया था और तभी से यह एक्ट हुजूर साहिब में लागू है ।

1956 से लागू एक्ट से छेड़छाड़ सहन नहीं

कुकरेजा सहित समूह संगत ने एक स्वर में कहा कि 1956 से लागू एक्ट से किसी भी सूरत में छेड़छाड़ सहन नहीं की जाएगी। इस अवसर पर सभा के सचिव दलजीत सिंघ सवन्नी, कोषाध्यक्ष दलजीत सिंह खनूजा, चैंबर के पूर्व अध्यक्ष गुरमीत सिंघ उबेजा, कमलजीत सिंघ सलूजा, सिंदर पाल सिंघ चावला,सुमित सिंघ होरा,सुरजीत सिंघ राजपाल, ज्ञानी ईश्वर सिंघ खालसा, सरदार हरवंत सिंघ कुकरेजा, भूपिंदर सिंघ कुकरेजा आदि रहे।