
18th anniversary of Old Harsud
हरसूद। गुरुवार को नया हरसूद 18 वर्ष पूर्ण कर बालिग हो गया लेकिन, आज भी नया हरसूद अधिकारों और नामकरण सहित कई अन्य सुविधाओं से वंचित है। बता दें कि हरसूद सन 1218 से भी पूर्व से विद्यमान था। इंदिरा सागर परियोजना के कारण यह बरसों से इस क्षेत्र में शामिल था। अंतत 30 जून 2004 को हरसूद को नया हरसूद के रूप में बसाने की विकास योजना 2011 नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा तैयार कर लागू किया गया और चंडीगढ़ की तरह बसाने का सपना दिखाया गया। नया हरसूद विस्थापन के कारण रेलवे लाइन परिवर्तित की गई लेकिन नया हरसूद रेलवे स्टेशन नहीं बनाया।
छनेरा के पास शासकीय भूमि पर भूखंड आवंटित किए है परंतु उनके अधिकार नहीं। स्टांप ड्यूटी का लाभ भी नहीं दीया। बैंक सुविधा एटीएम की सुविधा सेक्टर बसाहट क्षेत्र में आज तक नहीं दी गई। बैंक ऋण भी नहीं दिए गए। उद्योग विकास की बातें समय-समय पर उठती हैं और अदृश्य हो जाती है। रोजगार के अवसर नहीं होने से लोग पलायन कर रहे हैं। कइयो को दूषित भूखंड आवंटित किए उन्हें सुधारने की कोशिश कभी नहीं की गई जबकि मांग बार-बार की जाती रही। समस्त मांगों के निराकरण हेतु विस्थापितों ने 20 जून 2022 को 22 सदस्यों के साथ विस्थापित संघ का विधिवत गठन किया है।
भूखंड समतलीकरण एवं भूखंड परिवर्तन
विस्थापित संघ के सचिव चंद्र कुमार सांड एवं अन्य कई बार यह मांग कर चुके हैं कि भूखंडों का समतलीकरण किया जावे कई विस्थापितों को जो भूखंड आवंटित किए गए थे वह तो पहाड़ी नुमा है या गढ्ढे में दोनेनुमा हैं । कई के भूखंड के बीच में से नाला जा रहा है । ऐसे भूखंड लापरवाही से काटे गए हैं विस्थापितों को सही, समतल बाधारहित भूखंड आवंटित होना चाहिए ।तभी तो वह वहां अपने मकानों का सही तरीके से निर्माण कर सकेंगे। कई आवेदकों ने भूखंड बदलने के आवेदन इन्हीं विकृतियों और अन्य कारणों से भी दिए हैं। लेकिन आवेदनों पर आज तक सुनवाई नहीं हुई है। विस्थापित संघ के राजेंद्र दीवान ने मांग की है भूखंडों का आकार प्रकार सुधारा जावे तथा विलंबित आवेदनों का निराकरण शिग्रर किया जावे।
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नया हरसूद रेलवे स्टेशन नहीं बनाया
हरसूद के विस्थापन के कारण रेलवे लाइन को भी परिवर्तित किया गया मसलन खिरकिया से लाइन डाइवर्ट करके दगड़ खेड़ी वरुड छनेरा चार खेड़ा खुर्द सुरगांव बंजारी होते हुए पूर्व के स्टेशन तलवाडिया से जोड़ा गया।
लेकिन जिस विशाल हरसूद के विस्थापन के कारण रेलवे लाइन में परिवर्तित की गई उसका नया हरसूद स्टेशन से बनाया ही नहीं गया। यदि बनाया गया तो उसे नया हरसूद नाम नहीं दिया गया। देश एवं प्रदेश में जगह-जगह नाम परिवर्तन की लहर चल रही है लेकिन यहां तो हरसुद का नाम मिटाने की होड़ ओर लापरवाही दिखाई पढ़ रही है। विस्थापित संघ के पंडित नितेश शर्मा रमजान पठान ऋषि शुक्ला राजेंद्र दीवान अनिल माहेश्वरी ने संयुक्त रूप से कहा कि रेलवे स्टेशन का नाम परिवर्तित कर नया हरसूद , या नया हरसूद रोड या नया हरसूद (छनेरा) किया जाना चाहिए।
भूमि स्वामी अधिकार के लिए तरस रहे लोग
सन 2004 में विस्थापन के समय नया हरसूद सेक्टर क्षेत्र में कुल सभी प्रकार के भूखंड 5001 की संख्या में काटे गए थे । कुल 2367 आवासीय भूखंड एवं 339 व्यवसायिक भूखंड आवंटित किए गए। सन 2012 में आधे लोगों को और द शेष आधो को सन 2015 में पट्टे जारी किए गए। सन 2017 में फ्री होल्ड राईट विलेख पत्र एवं दिनांक 17/5/2021 को राजस्व विभाग के सचिव द्वारा मालिकाना हक के आदेश जारी किए लेकिन 14 माह व्यतीत हो जाने पर भी विस्थापितों को भूमि स्वामी अधिकार पत्र कलेक्टर एवं प्रशासन द्वारा जारी नहीं किए गए। भूखंड के अधिकार के लिए विस्थापित संघ सन 2006 से ही संघर्षरत रहा है। उपर्युक्त समयावधि में नित् नए बहाने बनाए गए। वर्तमान में प्रशासन कह रहा है की कंप्यूटर प्रविष्टि तकनीकी रूप से ठीक से नहीं हो पा रही है ।यदि ऐसा है तो मेन्यूअली पत्र जारी करना चाहिए।
मंदिर में कर रहे प्रार्थना
विस्थापित संघ के चंद्र कुमार सांड व अनुराग बंसल ने बताया कि गुरुवार 18 वी बरसी पर पुराने हरसूद पहुंच कर विस्थापित डूब में आए हरसूद में शेष रहे एकमात्र मंदिर खेड़ापति हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना कर रहे हैं। संकटमोचक हनुमान जी से विस्थापितों को उनका हक मिले ऐसी प्रार्थना कर रहे हैं। विगत 18 वर्षों से विस्थापित अपने हकों के लिए लड़ रहें है। उसके पश्चात विस्थापित जन खंडहर हो चुके अपने मकानो, स्कूलों,और दुकानों पर पहुंचकर यादें ताजा करेंगे। पुराने हरसूद में खंडवा, खिरकिया, हरदा, इंदौर, नया हरसूद आदि शहरों में रहने वाले कई विस्थापित पुराने हरसूद पहुंचकर यादें ताजा करेंगे। इसमें खंडवा नया हरसूद से भी विस्थापित संघ के रमेश चंद बंसल, अनुराग बंसल, पूनम चंद शर्मा, विवेक जैन, नीरज दीक्षित, राजेंद्र अग्रवाल, ऋषि राज शुक्ला, राजेंद्र दीवान, सतीश शुक्ला, अनिल महेश्वरी, संजय दीक्षित, पवन शर्मा आदि लोग पहुंचेंगे।
उजड़े घर के पास सेल्फी
18 साल पहले सलोनी 6 साल की थी। हरसूद की बरसी से एक दिन पहले वह शनिवार को पति के साथ पुराने हरसूद पहुंची तो अपने उजड़े घर के पास पति चिराग के साथ सेल्फी लेकर यादें संजोने का प्रयास किया।
Updated on:
30 Jun 2022 05:18 pm
Published on:
30 Jun 2022 05:17 pm
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