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खंडवा : निगम की आर्थिक सेहत खराब…नहीं बढ़ रहे आय के नए स्रोत, वेतन तक के पड़ रहे लाले

नगर सरकार आर्थिक तंगी से जूझ रही है। टैक्स वसूली और सरकार से मिल रही चुंगी क्षतिपूर्ति को छोड़ दे तो आय बढ़ाने के लिए कोई नए जतन नहीं हो रहे है। जो प्रोजेक्ट बनाए है वह अभी जमीन पर ही नहीं उतरे है। हालत यह है कि 528 करोड़ के सालाना निगम बजट के बाद भी कर्मचारियों को वेतन देने के लाले पड़े हुए है।

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खंडवा

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Rajesh Patel

Sep 13, 2025

Municipal council khandwa

नगर निगम टाउन हाल की फाइल फोटो

हर वर्ष 24 करोड़ टैक्स वसूली और 27 करोड़ चुंगी क्षतिपूर्ति के बाद भी सरकार के भरोसे निगम

528 करोड़ का बजट, फिर भी कर्मचारियों को वेतन के लाले

नगर सरकार आर्थिक तंगी से जूझ रही है। टैक्स वसूली और सरकार से मिल रही चुंगी क्षतिपूर्ति को छोड़ दे तो आय बढ़ाने के लिए कोई नए जतन नहीं हो रहे है। जो प्रोजेक्ट बनाए है वह अभी जमीन पर ही नहीं उतरे है। हालत यह है कि 528 करोड़ के सालाना निगम बजट के बाद भी कर्मचारियों को वेतन देने के लाले पड़े हुए है। हालांकि अफसर दावा कर रहे हैं कि नए स्रोत बढ़ाए है लेकिन वह आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपए साबित हो रहे हैं।

कर्मचारियों को वेतन में हर माह 3.25 करोड़ खर्च

कर्मचारियों को अगस्त माह का वेतन अब तक नहीं मिला है। इससे पहले कर्मचारियों का वेतन दो बार में जारी हुआ था। हर माह कर्मचारियों को वेतन में 3.25 करोड़ खर्च होते हैं। जबकि प्रतिमाह टैक्स वसूली करीब दो करोड़ तथा चुंगी क्षतिपूर्ति 2.15 करोड़ मिलती है। चूंगी में भी 1.15 करोड़ रुपए बिजली बिल के नाम पर कटते हैं। ऐसे में सिर्फ 3.15 करोड़ रुपए ही बचते हैं। वास्तविकता में टैक्स वसूली कम-ज्यादा होने और चुंगी समय से नहीं मिलने पर हर माह निगम आर्थिक हालत गड़बड़ा जाती है। कर्मचारियों का वेतन रोकने से लेकर अन्य कटौती करना पड़ती है।

आज-कल में देंगे वेतन : प्रियंका सिंह राजावत, ननि आयुक्त

कर्मचारियों को वेतन समय से मिलता है। पिछले माह के बाकी नहीं हैं। अगस्त माह का वेतन 13 सितंबर को कैप के बाद जारी होंगे। निगम के आय के नए स्रोत लगातार विकसित किए जा रहे हैं। कुछ समय बाद रेगुलर आय शुरू होगी।

अमृता यादव, महापौर : आय के नए स्रोत का बनाया ढांचा

शहर में ट्रांसपोर्ट नगर, स्वीमिंगपूल के साथ मूलभूत सुविधाओं का ढांचा तैयार किया है। निगम का 11 करोड़ का नया भवन व टाउन हाल को मल्टी काप्लैक्स के रूप में विकसित कर रहे हैं। सोलर पैनल स्थापित होने से हर माह एक करोड़ रुपए चुंगी की राशि की बचत होगी। इस राशि से मूलभूत सुविधाओं को विकसित करेंगे। अन्य छोटे-छोटे कई नए स्रोत बनाए हैं।

ऐसे समझें वार्षिक रेगुलर आय

रेगुलर स्रोत- संपत्तिकर, जलकर और दुकानों से हर साल करीब 24 करोड़ आय के स्रोत हैं। वसूली के आधार पर घटती बढ़ती है।

अन्य स्रोत- अन्य स्रोत से सालभर में 60 करोड़ की आय होती है।

चुंगी क्षतिपूर्ति- हर साल करीब 27 करोड़ रुपए चुंगी क्षतिपूर्ति मिलती है। इस औसत से हर माह 2.25 करोड़ रुपए चुंगी क्षतिपूर्ति के नाम पर मिलती है। हर माह बिजली के बिल के नाम पर 80 लाख से एक करोड़ रुपए का भुगतान कट जाता है।

इनसे आय की उम्मीद

निगम को नव चंडी मेला से 32 लाख, स्वीमिंगपूल 10 लाख मिल रहे हैं। टाउन हाल पर मल्टी काप्लैक्स, 8 मेगावाट का सोलर यूनिट स्थापना के प्रस्ताव से आय होने की उमीद है।

फिजूल खर्च पर लगे रोक

निगम की बिगड़ी आर्थिक स्थित और समय पर वेतन नहीं मिलने से कर्मचारी संगठन नाराज है। कर्मचारी संघ के इकाई अध्यक्ष अभिषेक तिवारी, जिला अध्यक्ष हरीश द्विवेदी ने ज्ञापन सौंपकर फिजूल खर्च पर लगाम लगाने की मांग की थी। चुंगी, टैक्स को अन्य मद में नहीं खर्च करने का सुझाव दिया है।