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कोरोना से जंग में ये गांव बने दूसरों के लिए नाजिर

-ग्राम में आने वाले बाहरी लोगों की सजगता से करवा रहे जांच-संक्रमण को रोकने के लिए पूरे गांव को करवाया सेनेटाइज

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खंडवा

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Manish Arora

Mar 31, 2020

कोरोना से जंग में ये गांव बने दूसरों के लिए नाजिर

-ग्राम में आने वाले बाहरी लोगों की सजगता से करवा रहे जांच-संक्रमण को रोकने के लिए पूरे गांव को करवाया सेनेटाइज

खंडवा. कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने और महामारी से बचाव के लिए शहर से ज्यादा सजगता कई ग्रामों के ग्रामीण दिखा रहे है। ग्रामीणों के सहयोग से जहां पंचायत, नगर परिषद बाहरी क्षेत्रों से आने वालों पर नजर रख रहे हैं और उनकी जांच करवा रहे है। वहीं, दूसरी ओर संक्रमण से बचाव के लिए गांव को सेनेटाइज भी करवाया जा रहा है। आदिवासी क्षेत्र के दूरस्थ गांवों में तो ग्रामीणों ने बाहर से सामग्री बेचने वालों के आने पर प्रतिबंध भी लगा दिया है। साथ ही अन्य राज्यों से आए ग्रामवासियों को 14 दिन के लिए गांव से बाहर रखा जा रहा है।
युवाओं की टोली कर रही गांव की निगरानी
आदिवासी बहुल विकासखंड खालवा के अंतिम छोर पर बसे ग्राम दावनिया, दीदमदा एवं चाकरा में ग्रामीणों ने बाहरी लोगों का गांव मे आना प्रतिबंधित कर दिया। गांव के वे मजदूर जो अन्य राज्यों से वापस आए हैं उन्हें 14 दिनों के लिए खेतों में बनी टपरियो अथवा ग्राम ही अलग मकान में रखकर उनके स्वास्थ्य की भी निगरानी रखी जा रही है। ग्राम के जागरूक युवा स्वास्थ्य विभाग को सूचना देकर अन्य राज्यों से वापस आए लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण भी करवाते हैं। दीदमदा निवासी जनपद सदस्य रामप्रसाद कवडे ने बताया कि ग्राम में परस्पर सामाजिक दूरी बनाते हुए बैठक लेकर सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि गांव में जो बाहरी लोग (महाराष्ट्र के गांवो से आनेवाले) आइसक्रीम इत्यादि सामान बेचने वालों का ग्राम में प्रवेश बंद किया जाएगा। वहीं जो ग्रामीण महाराष्ट्र, राजस्थान सहित अन्य राज्यों से काम बंद होने के कारण वापस आए हैं, उनका विधिवत स्वास्थ्य परीक्षण करवाकर उन्हें 14 दिन के लिए अलग मकानों में रखा रखकर निगरानी की जाएगी यह कदम कोरोना वायरस जैसी महामारी के संक्रमण से बचाव के चलते ग्राम वासियों के द्वारा उठाया गया है। ग्राम दिदमदा के गोविंद पाटिल एवं शेरसिंह ने बताया कि हमने ग्राम के युवाओं की एक टोली बनाई है जो अलग-अलग शिफ्टों में ग्राम के द्वार पर निगरानी करते है। जो बाहरी लोगों को ग्राम में आने से रोकते हैं। विदित हो कि विकासखंड के ग्रामों से हजारों मजदूर पलायन कर गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में मजदूरी के लिए गए थे, जो लॉग डाउन के चलते वहां काम बंद होने से वापस लौटे हैं।
लॉक डाउन के दौरान गांव को कराया सेनेटाइज
कोरोना वायरस के फैलने के डर एवं शासन के निर्देश पर कालमुखी में लॉक डाउन के दौरान गांव सुनसान नजर आ रहा है। जिसका फायदा उठाते हुए शासन द्वारा संक्रमण के दूर करने के लिए कीटनाशक दवा का संपूर्ण गांव में छिड़काव किया गया। ओंकारेश्वर में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए नगर परिषद द्वारा हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं। नगर परिषद द्वारा सभी वार्डों को हर रोज सेनेटाइज किया जा रहा है। साथ ही लोगों को घर से बाहर न निकलने की मुनादी भी लगातार कराई जा रही है। लोगों को आवश्यकता होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी जा रही है। नगर परिषद की पहल का सभी नगरवासियों ने आभार व्यक्त किया है।