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35 हजार टन सोना-चांदी-पीतल से बनेगी देश की पहली 151 फीट ऊंची मूर्ति

देश की पहली 151 फीट ऊंची भगवान मुनिसुव्रत नाथ की प्रतिमा का निर्माण हरियाणा के गुरुग्राम में स्थित अष्टापद जैन तीर्थ में होगा। इस मूर्ति का निर्माण सोना—चांदी—पीतल सहित अष्ट धातु से किया जाएगा.

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देश की पहली 151 फीट ऊंची भगवान मुनिसुव्रत नाथ की प्रतिमा

सनावद. देश की पहली 151 फीट ऊंची भगवान मुनिसुव्रत नाथ की प्रतिमा का निर्माण हरियाणा के गुरुग्राम में स्थित अष्टापद जैन तीर्थ में होगा। इस मूर्ति का निर्माण सोना—चांदी—पीतल सहित अष्ट धातु से किया जाएगा. मूर्ति के निर्माण के लिए उपयोगी अष्ट धातु को एकत्रित करने के लिए पुण्यार्जाक रथ चलाया गया है जोकि नगर में भी पहुंचा। यह रथ देश भर भ्रमण कर रहा है।

जैन समाज के प्रवक्ता सन्मति काका ने बताया कि इस प्रतिमा का नाम स्टेच्यू ऑफ प्योरिटी रखा गया है। प्रतिमा के निर्माण में 35 हजार टन अष्ट धातु का उपयोग होगा जिसके लिए पुण्यार्जाक रथ हर शहर और गांव में जाकर धातु का कलेक्शन कर रहा है। इसके माध्यम से अधिकांश जैन समाज जन प्रतिमा के निर्माण में अपने घर में रखे अष्ट धातु को दान कर सहयोग कर रहे हैं।

सनावद में भी रथ पहुंचा. दिगंबर जैन बड़ा मंदिर के हॉल में सभी समाज जनों की उपस्थिति में रथ के साथ चल रहे अक्षय भैया व संजय भैया ने मूर्ति के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने बताया कि इसकी शुरुआत 2018 में श्रवण बेलगोला बाहुबली महा मस्काभिषेक के दौरान दिगंबर जैन समाज के 32 आचार्य, 4 उपाध्याय, चार सौ मुनि, आर्यिका, ऐलक, छुल्लक, छुल्लिका के पावन सानिध्य में की गई। इस रथ व मूर्ति के प्रतिष्ठाचार्य ब्रह्मचारी धर्मचंद शास्त्री हैं।

मूर्ति निर्माण में 35 हजार टन धातु लगने की संभावना है। मूर्ति के साथ 181 फीट का परिकर भी बनेगा। मूर्ति की ऊंचाई 151 फीट रहेगी। मूर्ति का निर्माण अति आधुनिक टेक्नोलॉजी से होगा। मूर्ति का निर्माण 10 ताल (10 अलग-अलग भागों) में होगा। इस मूर्ति की नींव 140 फीट की होगी और दस हजार दर्शननार्थ एक जगह बैठ सकेंगे। इसके लिए स्टेडियम बनेगा। विश्व में प्रथम शनिग्रहारिष्ट निवारक अद्वितीय विशालकाय भगवान महामुनि मुनिसुव्रत स्वामी की 151 फीट ऊंची भव्य कलाकृति के साथ अष्ट धातु से निर्मित की जाएगी। इसमें तांबा, पीतल, एल्युमिनियम, जस्ता, जर्मन, सिल्वर, सोना-चांदी इत्यादि धातुओं का उपयोग किया जाएगा।