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परासिया ब्रिज का मार्च तक होगा काम पूरा

जमीन मिलने के बाद फिर होंगे टेण्डरअधूरे ब्रिज के निर्माण में लगेंगे छह माहकिशनगढ़ भुजा का पहले ही काम पूरा
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Parasia bridge to be completed by March

परासिया ब्रिज का मार्च तक होगा काम पूरा

मदनगंज-किशनगढ़. नगर के मुख्य मार्ग अजमेर रोड परासिया डबल फाटक पर निर्माणधीन आरओबी की अजमेर की ओर बनने वाली भुजा का काम अब जल्द शुरू होने की उम्मीद है। किशनगढ़ की भुजा का काम पूरा हो चुका है।
अजमेर रोड परासिया डबल फाटक पर निर्माणधीन आरओबी कार्य वर्ष २०१४ में प्रारंभ हुआ। आरओबी की ल?बाई ९०० मीटर है। पिछले साल दिसम्बर में किशनगढ़ की ओर बनने वाली भुजा का काम पूरा हो गया। ब्रिज के अजमेर की ओर बनने वाली भुजा के लिए जमीन नहीं मिलने के कारण काम अटका हुआ है। आरओबी निर्माण को पूरा करने के लिए ३२० मीटर जमीन और हाइवे से जोडऩे के लिए १०० मीटर जमीन की आवश्यकता है। जमीन मिलने पर अब काम फिर से शुरू होने की उम्मीद जगी है। उक्त कार्य इरकॉन के माध्यम से करवाया गया। इसके लिए फिर से अधूरे ब्रिज के निर्माण को पूरा करने के लिए टेण्डर आमंत्रित किए जाएंगे। इसके बाद वर्क ऑर्डर आदि देने के बाद उक्त कार्य को पूरा होने में भी छह माह से अधिक समय लगने की उम्मीद है। ऐसे में अधूरे ब्रिज का काम मार्च के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।
किशनगढ़ की भुजा का काम पूरा
आरओबी की किशनगढ़ की भुजा का काम दिसम्बर २०१८ में ही पूरा हो गया है। इसके तहत ब्रिज, ब्रिज के ऊपर सड़क, ब्रिज पर लाइट, उसका रंग-रोगन, ब्रिज पर चढऩे के लिए लोहे की सीढ़ी आदि लगाई जा चुकी है। अब सिर्फ अजमेर की भुजा का काम शेष है।
फाटक बंद होते ही लग जाती है लाइनें
अजमेर-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से किशनगढ़ नगर में प्रवेश के लिए परासिया डबल फाटक ही मुख्य मार्ग है। मकराना रोड और चिडिय़ा बावड़ी से नगर में प्रवेश किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए लम्बा चक्कर काटना पड़ता है। ट्रेनों की आवाजाही के दौरान फाटक के बंद होते इसके दोनों और वाहनों की कतारें लग जाती है।
आने के लिए बनेगा अंडरपास
आरओबी किशनगढ़ से अजमेर की ओर जाने के लिए काम आएगा। इसके अलावा वहां से किशनगढ़ आने के लिए आरयूबी का निर्माण करवाया जाएगा। डीएफसीसी ट्रेक बिछने का काम पहले ही पूरा हो गया है। अब विद्युतिकरण का कार्य किया जा रहा है। ऐसे में आगामी वर्ष के मार्च तक डीएफसीसी ट्रेक पर ट्रेनों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद है।