
एनएच-30 पर 5 घंटे में दो बड़े हादसे (photo source- Patrika)
CG Road Accident: राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर सोमवार रात से मंगलवार सुबह के बीच महज पांच घंटे के भीतर दो अलग-अलग स्थानों पर हुए सड़क हादसों में छह ट्रक आपस में टकरा गए। इन दुर्घटनाओं में चार लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। लगातार हुई इन घटनाओं से कुछ समय के लिए मार्ग पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
दोनों हादसों के बाद कुछ समय के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। घटनास्थल पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली और केशकाल पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात को सुचारू किया और हालात पर नियंत्रण पाया। प्रारंभिक जांच में दोनों हादसों के पीछे तेज रफ्तार और लापरवाही को मुख्य कारण माना जा रहा है। खासकर सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों के पीछे पर्याप्त संकेत या सुरक्षा इंतजाम न होना भी दुर्घटनाओं की वजह बन रहा है।
पहले हादसे के कुछ घंटों बाद मंगलवार सुबह करीब 5 बजे दुधगाव के पास एक और दुर्घटना हुई। यहां भी सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में पीछे से आ रहे दो हाईवा/ट्रक एक के बाद एक जा भिड़े। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक हाईवा का चालक वाहन के केबिन में फंस गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला और अस्पताल भिजवाया।
सोमवार रात करीब 11 बजे गुलबापारा के पास सड$क किनारे खड़े एक ट्रक में पीछे से आ रहे दो ट्रक अनियंत्रित होकर जा टकराए। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहनों के अगले हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए। इस हादसे में ट्रक चालक समेत दो लोग घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने राहत कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकालकर तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है।
बता दें राष्ट्रीय राजमार्ग-30 (NH-30) छत्तीसगढ़ के लिए एक अहम लाइफलाइन माना जाता है, जो रायपुर से बस्तर संभाग को जोड़ता है। इस मार्ग पर भारी वाहनों—खासकर ट्रक और हाईवा—की आवाजाही काफी अधिक रहती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस हाईवे पर बार-बार होने वाले हादसों के पीछे कई कारण हैं। इनमें तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग, लंबी दूरी तक लगातार ड्राइविंग से होने वाली थकान और रात के समय कम विजिबिलिटी प्रमुख हैं। इसके अलावा, सड़क किनारे बिना संकेत (रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड) के खड़े भारी वाहन भी दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बनते हैं।
Updated on:
1 Apr 2026, 2:06 PM IST
Published on:
1 Apr 2026, 2:06 PM IST
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