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अब माताएं भी कीबोर्ड पर दौडाएंगी उंगलियां, फेसबुक ट्वीटर नहीं बनेगी पहेली

डिजीटल साक्षरता के अलावा उन्हे व्यक्तित्व विकास, श्रेष्ठ पालकत्व, वित्तीय,कानूनी व चुनावी साक्षरता, आत्म रक्षा ,नागरिक कर्तव्य, कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
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कोंडागांव

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Karunakant Chaubey

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Updated: 11 Oct 2019, 4:10 PM IST

अब माताएं भी कीबोर्ड पर दौडाएंगी उंगलियां, फेसबुक ट्वीटर नहीं बनेगी पहेली

अब माताएं भी कीबोर्ड पर दौडाएंगी उंगलियां, फेसबुक ट्वीटर नहीं बनेगी पहेली

कोण्डागांव. स्थानीय आश्रय स्थल में 14 से 60 वर्ष तक लोगों के लिए ई-साक्षरता केंद्र संचालित किया जा रहा हैं। जिसमें निर्धारित समय पर चयनित प्रशिक्षार्णी पहुंच इस एक माह की पूरे पैकेज का नि:शुल्क लाभ ले रहे हैं। ज्ञात हो कि, राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण ने देश में पहली बार डिजीटल साक्षरता के लिये मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक साक्षरता कार्यक्रम शूरू किया गया है।

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इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला परियोजना अधिकारी संजय कुमार राठौर ने बताया कि, जिले में मुख्यमंत्री ई-साक्षरता केन्द्र के नाम से प्रारम्भ इन केन्द्रो में प्रशिक्षित ई-एजुकेटरो के माध्यम से 25 शिक्षार्थियों के एक बैच में एक माह की समय-सीमा में पीएमजीडी आईएसएचए पाठ्यक्रम अनुसार डिजीटल साक्षरता प्रदान किया जा रहा है।

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कलक्टर नीलकंठ टेकाम के मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी नुपुर राशि पन्ना के दिशानिर्देश में 14 वर्ष से 60 वर्ष आयु वर्ग के वंचित वर्ग के शिक्षार्थी इस केन्द्र में प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं। डिजीटल साक्षरता के अलावा उन्हे व्यक्तित्व विकास, श्रेष्ठ पालकत्व, वित्तीय,कानूनी व चुनावी साक्षरता, आत्म रक्षा ,नागरिक कर्तव्य, कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

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प्रत्येक माह के पहली तारीख से प्रारम्भ कर 30 दिन के निर्धारित पाठ्यक्रम के बाद जिला स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन एवं बाह्य मूल्यांकन चिप्स द्वारा ऑंन-लाईन किया जाकर ऑंन-लाईन प्रमाण प्रदान किया जा रहा है।

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