2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जन एजेंडा 2018-23 : क्षेत्र में व्याप्त समस्याओं व बेरोजगारी को लेकर ग्रामीणों में असंतोष, पढि़ए और क्या कहा ग्रामीणों ने…

- ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से कोरकोमा से हाटी की ओर जाने वाली मुख्य मार्ग जर्जर हो चुकी है

3 min read
Google source verification

कोरबा

image

Shiv Singh

Sep 21, 2018

जन एजेंडा 2018-23 : क्षेत्र में व्याप्त समस्याओं व बेरोजगारी को लेकर ग्रामीणों में असंतोष, पढि़ए और क्या कहा ग्रामीणों ने...

जन एजेंडा 2018-23 : क्षेत्र में व्याप्त समस्याओं व बेरोजगारी को लेकर ग्रामीणों में असंतोष, पढि़ए और क्या कहा ग्रामीणों ने...

कोरबा. पत्रिका जन एजेंडा अभियान के तहत शुक्रवार को ग्राम कुदमुरा में ग्रामीणों से क्षेत्र के विकास व आगामी दिनों में होने वाले चुनाव के संबंध में उनकी राय जानी गई। कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों में क्षेत्र में व्याप्त समस्याओं व बेरोजगारी को लेकर असंतोष देखा गया।

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से कोरकोमा से हाटी की ओर जाने वाली मुख्य मार्ग जर्जर हो चुकी है। इसे सुधारने कोई भी जनप्रतिनिधि व प्रशासन के अधिकारी गंभीर नहीं दिखायी दे रहे हैं। यह मार्ग काफी व्यस्ततम मार्ग है। इस तरह कुदमुरा से रामपुर मार्ग भी जर्जर है। बिजली की समस्या से ग्रामीण काफी परेशान हैं। यहां सबस्टेशन की आवश्यकता बतायी। इस संबंध में कई बार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से गुहार लगायी जा चुकी है लेकिन कोई पहल नहीं की गई है। क्षेत्र में बिजली की समस्या बनी रहती है।

Read More : जन एजेंडा 2018-23 कार्यक्रम में युवाओं ने शहर की इन समस्याओं पर दिया जोर, कहा-चुनाव के बाद नेता भूल जाते हैं वादे

ग्रामीणों का कहना है कुदमुरा को तहसील बनाया जाना चाहिए। तहसील स्तरीय कार्य के लिए किसानों को 80 किलोमीटर का सफर करना पड़ता है। स्वास्थ्य सुविधाओं का भी बुरा हाल है। कुदमुरा में पीएचसी संचालित है लेकिन यहां काफी कम सुविधाएं हैं। श्यांग के ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधा नहीं होने के कारण 80 किमी दूर जिला चिकित्सालय जाते हैं। इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं शिक्षा के क्षेत्र में भी कोई खास सुविधा उपलब्ध नहीं करायी गई है।

कुदमुरा, श्यांग, मदनपुर, पसरखेत सहित आसपास के छात्र उच्च शिक्षा ग्रहण करने करतला महाविद्यालय जाना पड़ता है जो काफी दूर पड़ता है। कॉलेज आने-जाने में विद्यार्थियों का जहां समय बर्बाद होता है वहीं आर्थिक समस्या भी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि चाहे जिस किसी भी पार्टी का विधायक और राज्य में सरकार बने, कुदमुरा में महाविद्यालय खोली जानी चाहिए। वहीं कुदमुरा में बैंक नहीं होने से हितग्राहियों व आम उपभोक्ताओं को समस्या होती है। पूर्व में संचालित ग्रामीण बैंक को करतला स्थानांतरित कर दिया गया है। इससे लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

एनएच निर्माण से कई घर टूटेंगे
कुदमुरा-हाटी नेशनल हाईवे बनाने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है। इसका सर्वे भी कर लिया गया है। उक्त मार्ग के निर्माण से कई व्यवसायियों के दुकान व ग्रामीणों के घर भी आ रहे हैं। इससे उक्त लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इनका कहना है कि प्रभावितों के लिए उचित व्यवस्था प्रशासन द्वारा की जानी चाहिए ताकि इनका जीवकोपार्जन हो सके।

-कुदमुरा को तहसील बनाया जाना चाहिए। किसानों को राजस्व संबंधी कार्य के लिए 80 किमी दूर कोरबा जाना पड़ता है। इससे काफी परेशानी होती है।
संतोष मिश्रा, कांग्रेस युवा नेता
-कुदमुरा में 10 बिस्तर वाला अस्पताल खोला जाना चाहिए। साथ ही लैब सुविधा व प्रशिक्षित स्टाफ बढ़ायी जानी चाहिए। यहां बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं।
क्रांति कुमार, स्थानीय निवासी
-यहां पूर्व में ग्रामीण बैंक संचालित था जिसे करतला स्थानांतरित कर दिया गया। इससे किसानों को काफी समस्या होती है। यहां बैंक खोली जानी चाहिए।
सत्येंद्र धनवार, पंच, वार्ड क्र.5
-कुदमुरा से कोरकोमा होकर कोरबा जाने वाली मुख्य मार्ग पूरी तरह जर्जर हो गई है। गर्भवती महिलाओं को ले जाने में काफी दिक्कतें आती है।
हेतराम दुबे, एम्बुलेंस चालक
-उच्च शिक्षा के लिए ग्रामीणों को करतला कॉलेज जाना पड़ता है। इससे काफी परेशानी होती है। कुदमुरा में महाविद्यालय खोलने की आवश्यकता है।
रामायण दास महंत, चालक
-मांड नदी में पचरी व सीसी रोड बनाने की जरूरत है। यहां पास स्थित बस्ती की गलियां कीचड़ से सराबोर रहती है। बड़ी संख्या में ग्रामीण निस्तारी के लिए जाते हैं।
मानधाता झारिया, व्यवसायी