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बड़ी खुशखबरी! महिलाओं को LPG सिलेंडर देने फिर लिए जाएंगे आवेदन, इन्हें नहीं मिलेगा योजना का लाभ, जानें

CG News: आर्थिक तौर पर कमजोर महिलाओं को सरकार एक बार फिर उज्जवला योजना के तहत कनेक्शन देने जा रही है। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया जल्द शुरु होगी।
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कोरबा

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Khyati Parihar

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Updated: 27 Oct 2025, 11:18 AM IST

LPG Price

एलपीजी सिलेंडर

CG News: आर्थिक तौर पर कमजोर महिलाओं को सरकार एक बार फिर उज्जवला योजना के तहत कनेक्शन देने जा रही है। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया जल्द शुरु होगी। उम्मीद है कि राज्य स्थापना दिवस एक नवंबर से नए आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरु होगी। इसके लिए कोरबा जिले में तैयारी शुरु हो गई है।

योजना का लाभ गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे इसके लिए कोरबा कलेक्टर की अध्यक्षता में उज्जवला समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति उज्जवला योजना के तहत प्राप्त होने वाले आवेदनों की निगरानी करेगी। आवेदन पत्रों का भौतिक सत्यापन व परीक्षण इसी कमेटी की देखरेख में किया जाएगा। इसके बाद गैस एजेंसी को संबंधित परिवार की महिला के नाम कनेक्शन देने के लिए कहा जाएगा।

कोरबा में बीपीएल परिवार को घरेलू गैस कनेक्शन देने के लिए दूसरी बार कोशिश हो रही है। इसके पहले भी केंद्र सरकार की ओर से पहले चरण में तीन हजार से अधिक आर्थिक तौर पर कमजोर परिवारों को सरकार की ओर से एलपीजी सिलेंडर और चूल्हा मुहैया कराया गया था। अब दूसरे चरण में छूटे हुए परिवारों को सरकार इस योजना के लाभ से बांधना चाह रही है। इसके लिए प्रदेश में आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो रही है, इसमें कोरबा भी शामिल है। कोरबा में एक गैस एजेंसी के संचालक ने बताया कि इस संबंध में उन्हें प्रशासन की ओर से जानकारी दी गई है। बताया गया है कि जल्द ही जिला स्तर पर उज्जवला समिति का गठन किया जाएगा। इस पर निर्णय लिए जाएंगे।

खाद्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि उज्जवला योजना के तहत जितने आवेदन प्राप्त होंगे, उनमें से कम से पांच फीसदी आवेदन का सत्यापन और परीक्षण जिला स्तरीय उज्जवला समिति की ओर से की जाएगी।

मासिक आय 10 हजार रुपए से अधिक तो नहीं मिलेगा योजना का लाभ

पीएमयूवाय के अंतर्गत नवीन गैस कनेक्शन हेतु पात्रता के लिए मापदंड निर्धारित किए गए हैं। इसके अनुसार यदि परिवार का कोई भी सदस्य 10 हजार रूपए प्रति माह से अधिक कमाता हो, घर का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी हो, सरकार के पास पंजीकृत गैर-कृषि उद्यम वाले परिवारों को शामिल नहीं किया गया है।

इसी प्रकार किसान क्रेडिट कार्ड की 50 हजार रूपए से अधिक की क्रेडिट सीमा वाले किसान, सिंचाई उपकरण के साथ 2.5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि के स्वामी, दो या अधिक फसल मौसमों के लिए 5 एकड़ या अधिक सिंचित भूमि के स्वामी, कम से कम 7.5 एकड़ या इससे अधिक भूमि का स्वामी जिनके पास कम से कम एक सिंचाई उपकरण हो, 30 वर्ग मीटर से अधिक कार्पेट क्षेत्र वाले मकान के स्वामी, स्वयं की मोटर चालित तीन या चार पहिया वाहन अथवा मछली पकड़ने वाली नाव अथवा यंत्रीकृत तीन या चार पहिया कृषि उपकरण के मालिक एवं ऐसे परिवार जिनके पास पूर्व से ही एलपीजी कनेक्शन हों योजनांतर्गत लाभ पाने हेतु अपात्र होंगे।

कोरबा जिले में 3 लाख 17 हजार से अधिक ऐसे परिवार हैं जिनके पास बीपीएल कार्ड हैं। ये परिवार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते हैं। सरकारी रिकार्ड में इन परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर है।

परीक्षण और सत्यापन के बाद 15 दिन में कनेक्शन

बताया गया है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार जिन्हें इस योजना का लाभ लेना है, उनकी ओर से एक आवेदन पत्र प्रस्तुत किया जाएगा। इस आवेदन पत्र का परीक्षण और सत्यापन उज्जवला समिति करेगी। इस तिथि से 15 दिन के अंदर नए गैस कनेक्शन संबंधित परिवार की महिला के नाम जारी किए जाएंगे।

पहले चरण में जिन्हें कनेक्शन मिला उसमें से 30 फीसदी ही करा रहे हैं रिफिलिंग

एक गैस एजेंसी के संचालक ने बताया कि पहले चरण में आर्थिक रूप से कमजोर जिन परिवारों को सरकार की ओर से उज्जवला योजना के तहत कनेक्शन प्रदान किया गया है उनमें से 70 फीसदी कार्डधारी सिलेंडर की रिफिलिंग नहीं करा रहे हैं। उनकी केवायसी भी समय पर नहीं हुई है। इस कारण कई लोगों का कनेक्शन बंद होने के कगार पर पहुंच गया है। योजना का लाभ 30 फीसदी लोग ही ले रहे हैं।

यही लोग खाली सिलेंडर लेकर रिफिलिंग के लिए गैस एजेंसियों में पहुंच रहे हैं। जो लोग रिफिलिंग नहीं करा रहे हैं उसमें सबसे ज्यादा संख्या स्लम बस्ती और ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं की है। माना जा रहा है कि उनके पास भोजन पकाने के लिए अन्य साधन मौजूद हैं। इस वजह से ऐसे कार्डधारी रिफिलिंग के लिए अपने एजेंसी तक नहीं पहुंच रहे हैं और ये लोग योजना का लाभ नहीं उठा रहे हैं।