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नए स्मेल्टर को मंजूरी, 7 हजार करोड़ की लागत से होगा तैयार, 9500 युवाओं को मिलेगी नौकरी

BALCO: केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से बालको को तीसरा स्मेल्टर (Smelter) लगाने के लिए लिए इन्वायरमेंट क्लीयरेंस दे दिया गया है, प्रदेश का एकमात्र एल्यूमिना प्लांट (Alumina plant) कोरबा में, 18 महीने में पूरा होगा काम

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BALCO Korba

कोरबा. BALCO: बालको के नए स्मेल्टर को केंद्र सरकार से स्वीकृति मिल गई है। नए स्मेल्टर के निर्माण पर कंपनी 7 हजार करोड़ रुपए निवेश करने जा रही है। 6 हजार करोड़ की लागत से स्मेल्टर की मशीनें खरीदे जाएंगीं। जबकि इसे लगाने में 1 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। पर्यावरणीय जनसुनवाई के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी करने के लिए केंद्र सरकार को फाइल भेजी गई थी। सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय (Union Ministry of Forest and Environment) की ओर से बालको में तीसरे स्मेल्टर लगाने के लिए इन्वायरमेंट क्लीयरेंस दी गई है। नए स्मेल्टर के चालू होने पर छत्तीसगढ़ एल्यूमिनियम के उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर आ जाएगा। नए स्मेल्टर के चालू होने से ढाई हजार युवाओं को स्थायी तथा 7 हजार युवाओं को अस्थायी रूप से नौकरी मिलेगी। गौरतलब है कि प्रदेश का एकमात्र एल्यूमिना प्लांट कोरबा में स्थित है।


कंपनी की योजना नए स्मेल्टर को 18 माह में पूरा करने की है। इस स्मेल्टर की सालाना उत्पादन क्षमता पांच लाख 15 हजार टन होगी। पहले से बालको में एल्यूमिनियम के दो स्मेल्टर हैं। पहले स्मेल्टर से 2 लाख 45 हजार टन और दूसरे से 3 लाख 25 हजार टन एल्यूमिनियम का उत्पादन सालाना किया जा रहा है। बालको के दोनों स्मेल्टर से सालाना पांच लाख 70 हजार टन एल्यूमिनियम उत्पादन किया जा रहा है।

तीसरे स्मेल्टर के लगने के बाद यह उत्पादन बढक़र 10 लाख 85 हजार टन वार्षिक हो जाएगा। नए स्मेल्टर के लिए कंपनी को भूमि अधिग्रहण की जरूरत नहीं है। पहले से संयंत्र परिसर में खाली पड़ी 98 एकड़ जमीन पर तीसरे स्मेल्टर का निर्माण किया जाना है। इसका निर्माण कंपनी शीघ्र चालू करने की योजना बना रही है।


चाइना तकनीक पर आधारित होगा
पांच लाख 15 हजार सालाना क्षमता वाला यह स्मेल्टर चाइना तकनीक पर आधारित होगा। स्मेल्टर का निर्माण भी चीन की कंपनी करेगी। इसके लिए बालको प्रबंधन और चीनी कंपनी के बीच एक एमओयू पर पूर्व में ही हस्ताक्षर किए गए हैं। स्थानीय स्तर पर कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बालको प्रबंधन स्मेल्टर का निर्माण शुरू करने जा रहा है।


ढाई हजार को मिलेगी स्थाई नौकरी, 7 हजार को अस्थाई
बताया जाता है कि नए स्मेल्टर के निर्माण से ढाई हजार युवाओं को कंपनी में स्थाई नौकरी मिलेगी। जबकि 7 हजार लोग अप्रत्यक्ष रुप से रोजगार से जुड़ेंगे। कंपनी की योजना स्थानीय युवाओं को इस कार्य में प्राथमिकता देने की है।


निर्माण अवधि तक 10 हजार मजदूर 24 घंटे करेंगे काम
कंपनी नए स्मेल्टर का निर्माण निर्धारित अवधि तक करना चाहती है। इसके लिए प्रतिदिन लगभग 10 हजार मजदूरों को काम पर लगाया जाएगा। कंपनी के सूत्रों का दावा है कि स्मेल्टर 18 माह के बनकर तैयार हो जाएगा।


एल्यूमिनियम उत्पादन में भारत दूसरे स्थान पर
एल्यूमिनियम उत्पादन की बात करें तो भारत लगभग 4 मिलियन टन प्रति वर्ष उत्पादन के साथ दुनिया में दूसरे स्थान पर है। वेदांता समूह देश में लगभग 55 फीसदी एल्यूमिनियम का उत्पादन करता है। इसमें बालको का योगदान लगभग 15 फीसदी है। विकास में भविष्य की धातु एल्यूमिनियम का रणनीतिक महत्व है।

वजन के मुकाबले अधिक मजबूती, सहनशीलता एवं लचीलेपन, ताप और विद्युत के सुचालक, बार-बार 100 फीसदी रिसाइकल हो जाने जैसे गुणों के कारण इस धातु की मांग वैमानिकी, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रिकल वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन, विद्युत पारेषण, विनिर्माण आदि क्षेत्रों में निरंतर बढ़ रही है।