
फाइल फोटो पत्रिका
CG News: बैशाख में सूर्य के तेवर कड़े हो गए हैं। आसमान से धरती पर आग बरसने जैसी स्थिति बन गई है। गर्मी से लोगों का हाल बेहाल होने लगा है। वहीं कोरबा जिले में तापमान बढ़ने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा छाने लगा है।
बैशाख का महीना जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, सूर्य की किरणें और तेज होती जा रही हैं, जिससे धरती पर गर्मी बढ़ गई है। सोमवार की तुलना में मंगलवार को तापमान में 0.9 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। कोरबा शहर में अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो एक दिन पहले 38 डिग्री सेल्सियस था। तापमान में बढ़ोतरी के साथ जनजीवन पर इसका स्पष्ट असर देखने को मिल रहा है।
मंगलवार सुबह आठ बजे से ही गर्मी बढ़ने लगी थी। दोपहर 12 बजे तक तापमान 36 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया था। दोपहर दो बजे तक इतनी अधिक गर्मी हो गई कि शहर की सड़कें सुनसान पड़ गईं। तेज धूप से बचने के लिए लोग घरों में ही रहने को मजबूर रहे। शाम चार बजे के बाद तापमान में कमी आने पर लोग घरों से बाहर निकले।
गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों में सुबह साढ़े 11 बजे तक ही कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में पहले ही आदेश जारी किया जा चुका है। इसमें कहा गया है कि कक्षाएं सुबह साढ़े सात बजे से शुरू की जाएं और साढ़े 11 बजे विद्यार्थियों की छुट्टी कर दी जाए। इसका उद्देश्य बच्चों को गर्मी के प्रभाव से सुरक्षित रखना है।
गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले में पंखा, कूलर और एसी का उपयोग काफी बढ़ गया है। लोग दिन और रात दोनों समय इनका अधिक उपयोग कर रहे हैं, जिससे बिजली की खपत में वृद्धि हुई है। ट्रांसफार्मर पर अतिरिक्त दबाव के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होने और बार-बार बिजली गुल होने की समस्या भी सामने आ रही है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पूर्वी हवाओं के कारण गर्मी का प्रभाव और अधिक महसूस किया जा रहा है। आने वाले दो से तीन दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना है, जो 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है। 15 अप्रैल से हीटवेव (लू) की चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में गर्मी से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है, अन्यथा स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
Published on:
15 Apr 2026 08:07 pm
