
CG Politics : कोरबा जिले में विधानसभा की तीन सीट हार गई। अपने गढ़ पाली तानाखार को गवां बैठी। कोरबा सीट से पार्टी के कद्दावर नेता जयसिंह हार गए। इसकी समीक्षा शुरू हो गई है। शुक्रवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में एक बैठक बुलाई गई। इसमें प्रदेश के पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के अलावा पार्टी के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक में एक- एक बूथ की समीक्षा की गई। कार्यकर्ताओं से संवाद किया गया।
कोरबा में हार के कारण तलाशे गए। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ता ने समीक्षा बैठक में खुलकर अपनी बात रखी। हार का ठेकरा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर फोड़ दिया। मीडिया से चर्चा करते हुए जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि 2018 में प्रदेश की जनता ने जो जनादेश दिया था, उसे कांग्रेस संभाल नहीं सकी। कोरबा में हार पर अग्रवाल ने कहा कि इस सीट पर हार के लिए कई कारण जिम्मेदार रहे हैं। इसमें बड़ा कारण विकास कार्य को बाधित करना है। जयसिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते भूपेश बघेल ने छांट- छांट कर कोरबा में ऐसे अफसरों को पदस्थ किया जिन्होंने यहां के विकास कार्यों को रोका।
मुखिया को लगा कि गांव से जीतकर सरकार बना लेंगे
हार के लिए जयसिंह ने प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि मुखिया को लगा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विधानसभा की सीटाें को जीतकर हम सरकार बना लेंगे। शायद इसलिए उन्होंने शहर के सीटों पर जोर नहीं दिया और शहरी क्षेत्र में कांग्रेस की हार हुई विधानसभा चुनाव के परिणाम आने से पहले कांग्रेस 75 सीट पर जीत का दावा कर रही थी। सत्ता में वापसी का ख्वाब रही थी। मगर ऐसा क्या कि कांग्रेस 35 सीटों पर सिमट गई।
पूर्व कलेक्टर रानू पर लगाया विकास कार्यों को रोकने का आरोप
जयसिंह ने कोरबा के पूर्व कलेक्टर रानू साहू पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि साहू ने कोरबा में विकास कार्यों को रोका। सरकार की ओर से पैसे नहीं मिले तो सार्वजनिक उपक्रमों से राशि लेकर कुसमुंडा की सड़क का निर्माण चालू कराया गया। रानू ने उसकी फाइल को रोक दिया। उसका परिणाम हुआ कि समय पर सड़क का निर्माण नहीं हो सका। उन्हाेंन रानू पर भष्ट्राचार में लिप्त होने का आरोप भी लगाया। गौरतलब है कि रानू साहू को ईडी ने भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया है। वे रायपुर की जेल में बंद हैं।
कोयला, डीजल और कबाड़ जैसे अवैध कार्यों को संरक्षण दिया। उन्होंने भूपेश सरकार के कार्यकाल में कोरबा में तैनात उन पुलिस अधीक्षकों का नाम भी लिया, जिनके कार्यकाल में अवैध कार्यों को बढ़ावा मिला। एक पूर्व पुलिस अधीक्षक का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने कोरबा को डूबाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्हें सरकार ने कोरबा से हटाकर दूसरे जिले में तैनात किया। वहां भी उन्होंने वही काम किया। वहां कांग्रेस की हाल क्या हुई? सभी के सामने है।
जयसिंह कहा कि उनके जाने के बाद एक अन्य एसपी आए। उन्हें एक सिपाही चलाता था। सिपाही करोड़ाें रुपए का धन अर्जीत किया। कोयला, कबाड़ और डीजल के कारोबार को छूट दिया। एक और एसपी आए। उन्होंने सारे अवैध धंधों को चालू करा दिया। उनको कार्यों से कांग्रेस सरकार की छवि खराब हुई। सरकार के खिलाफ एंटी इनकम्बैंसी (सत्ता विरोधी लहर) पैदा हुई। इसका खामियाजा कांग्रेस सरकार को भुगतना पड़ा। जयसिंह ने कहा कि कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में महिलाओं को साल में 15 हजार रुपए देने का जो वादा किया, वह मतदान से कुछ ही दिन पहले किया। इससे पार्टी महिला वोटरों को रिझाने में पिछड़ गई। जबकि भाजपा आगे निकल गई।
Published on:
09 Dec 2023 01:55 pm
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