21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

CG Wildlife: खाने की तलाश में गांव आ गया था 1 चीतल, कुत्तों ने काट-काट के मार डाला

CG Wildlife: अधिकांश चीतल इसी डिविजन क्षेत्र से आवाजाही करते रहते हैं जो कई बार भटकर गांव की ओर चले आते हैं।

2 min read
Google source verification
CG Wildlife

CG Wildlife: खाने की तलाश में गांव आ गया था 1 चीतल, कुत्तों ने काट-काट के मार डालाकटघोरा वनमंडल अंतर्गत पाली वन परिक्षेत्र के छिंदपानी में भोजन और पानी की तलाश में जंगल से गांव की ओर आए एक चीतल पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया। घटना में चीतल की मौत हो गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन अमले को दी। मृत चीतल को वन विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया है।

यह भी पढ़ें: Leopard in Bastar: कुत्ते का शिकार कर रहा था तेंदुआ, अचानक 25 फीट गहरे कुंए में गिर गया, रेस्क्यू कर निकाला बाहर

जिले में तेज धूप और भीषण गर्मी पड़ रही है। इसका असर जंगली जानवरों व पशुओं के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। तेज धूप की वजह से जंगल में पानी नहीं मिल रहा है। इस कारण जानवर भोजन और पानी की तालाश में जंगल से गांव की ओर पहुुंच रहे हैं। गुरुवार को भी सुबह एक चीतल पानी की तलाश में जंगल से गांव तालाब के पास पानी पीने के लिए पहुंचा था। इस बीच कुत्तों की नजर चीतल पर पड़ी और उस पर हमला कर दिया।

कुत्तों के काटने से चीतल की मौत हो गई। ग्रामीण जब तालाब में स्नान के लिए पहुंचे तो उनकी नजर चीतल पर पड़ी। उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी। वन कर्मचारी मौके पर पहुंचे और मृत चीतल को अपने कब्जे में लिया। बताया जा रहा है कि चीतल की उम्र लगभग पांच साल की थी। पाली के पशु चिकित्सक यूके तंवर ने चीतल के शव का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों की उपस्थिति में मृत चीतल का अंतिम संस्कार किया गया।

ग्रामीण क्षेत्र में आने वाले चीतल की कुत्तों के हमले में पहले भी मौत हुई है। लेकिन विभाग पूर्व में हुए घटनाओं को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहा है। जंगल में जानवरों के लिए पर्याप्त पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं।

यह भी पढ़ें: CG Leopard: पूरा देश लगा है शेर की बिरादरी बचाने में, यहां शिकारियों ने तेंदुए को ही मार डाला, काट कर ले गए अंग

CG Wildlife: 30 से अधिक चीतल क्षेत्र में कर रहे विचरण

बताया जा रहा है कि पाली वनपरिक्षेत्र के जंगल में लगभग 30 से अधिक चीतल विचरण कर रहे हैं। यह क्षेत्र बिलासपुर डिविजन से लगा हुआ है। अधिकांश चीतल इसी डिविजन क्षेत्र से आवाजाही करते रहते हैं जो कई बार भटकर गांव की ओर चले आते हैं।