
कई सुविधाओं में कटौती से नाराज
कोरबा. कोल इंडिया के अफसर हाल में हुई वेतन बढ़ोत्तरी से संतुष्ट नहीं है। कई भत्ते को कम या समाप्त किए जाने से बड़ा फैसले लेने की ओर बढ़ रहे हैं। अफसरों के सांगठन ने सहमति के बिना पेंशन फंड में सात फीसदी राशि की कटौती नहीं करने की मांग की है।
ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ कोयला एक्जीक्यूटिव्स के संयोजक पीके सिंह राठौर ने कहा कि संशोधित वेतनमान नए अफसरों में निराशा व नाराजगी है। उनको नुकसान होगा। कई भत्ते को समाप्त या कम कर दिया गया है। इससे अफसरों का मनोबल टूटेगा। एसोसिएशन ने अफसरों की सहमति के बिना वेतन से सीएमपीएफ व पेंशन फंड में सात फीसदी की कटौती नहीं करने की मांग की है।
मांग को मनवाने के लिए जूनियर अफसर हड़ताल या कोर्ट तक भी जा सकते हैं। उन्होंने कमेटी की बैठक बुलाकर संतोष को दूर करने की मांग की है। वेतन व पर्क का आवंटन महारत्न कंपनी के अनुसार करने की मांग की है। पीजीसीआईएल में लागू वाहन भत्ता, अधिकारियों को विकल्प के साथ एनपीएस का क्रियान्वयन, कॉर्पोरेट स्तर के अधिकारियों की तुलना में अतिरिक्त भत्ते और फिल्ड अधिकारियों को देने की मांग की है।
इलाज के लिए बड़े अस्पतालों से अनुबंधन और न्यूनतम पीआरपी कर्मचारियों को सालाना बोनस बढ़ोत्तरी पर जोर दिया है। सीडीए नियम के तहत दंडित किए गए अधिकारियों को पीआरपी भुगतान पर रोक नहीं लगाने की मांग की है।
कोल इंडिया ने दो दिन पहले अफसरों के वेतन में 15 फीसदी तक की बढ़़ोत्तरी की थी। इसके साथ ही पूर्व में मिल रही कई सुविधाओं से वंचित कर दिया। इससे अफसर नाराज हैं।
इन सुविधाओं में हुई कटौती
-आवास भत्ता (एचआरए) 20 से 16 फीसदी हुआ
-कोल फिल्ड अलाउंस नहीं मिला
-एलटीसी/ एलएलटीसी के बजाए पक्र्स मैनेजर
-सेफ्टी मैनेजर तीन फिसदी
-पक्र्स में कटौती कर 43.5 फीसदी से 35 फीसदी किया गया
-अंडर ग्राउंड अलाउंस 15 से घटकर 12 फीसदी हुआ
-बिजली बिल के नाम पर वेतन से होगी एक फीसदी की अतिरिक्त कटौती
Published on:
10 Aug 2018 07:46 pm
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