कोरबा. हाथियों ने बीती रात इतने अधिक हिंसक हो गए कि हर किसी की रूह कांप गई। पहली बार देखने को मिला कि जब हाथी पक्के मकान का दरवाजा नहीं तोड़ पाएं तो पीछे जाकर एक-एक खिड़की को तोडऩे की कोशिश की। एक खिड़की को तोडऩे में सफल हो गए। अंदर चिल्ला रहे एक छह साल के बच्चे को मां की गोद से पहले खींचा फिर ६० वर्षीय महिला को बाहर निकालकर दोनों को मौत के घाट उतार दिया।
बालको रेंज के ग्राम फुटहामुड़ा गांव में रविवार की रात हाथियों ने कोहराम मचा दिया। दो हाथियों ने आधा दर्जन मकानों को तोड़ दिया। वन विभाग की टीम ने ऐहतिहात बरतते हुए गांव के १५ लोगों को थोड़ी दूर स्थित आंगनबाड़ी भवन में शिफ्ट कराया गया। रात को ग्रामीण खाना खाने के बाद आराम कर रहे थे। इसी बीच दो हाथी एक नर व दूसरा मादा आंगनबाड़ी के समीप सरकारी स्कूल आ धमके। स्कूल के पास पहुंचे हाथी को देख ग्रामीण सिहर गए। सभी के बीच आपाधापी मच गई। १० मिनट बाद हाथी आंगनबाड़ी केन्द्र के दरवाजे के समीप पहुंच गए। लोहे के दरवाजे को तोडऩे की कोशिश की, लेकिन दरवाजा नहीं टूटा।
इसके बाद हाथी भवन के पीछे की ओर गए। दो खिड़कियों को तोडऩे की कोशिश की। जिसमें एक लोहे का खिड़की टूट गया। खिड़की के टूटते ही ग्रामीण चिल्लाने-चींखने लगे। किसी को कुछ समझ में नहीे आ रहा था कि करें तो क्या करें। एक हाथी सूंड़ से छह साल के बच्चे को मां के गोद से खींच लिया और बाहर निकालकर बच्चे रोहित कुमार को मौत के घाट उतार दिया। एक को मारने के बाद भी हाथी शांत नहीं हुए, और ६० वर्षीय बुजुर्ग महिला इतवारी बाई को भी हाथी ने अपने सूंड़ से पैर को पकड़कर बाहर निकाल दिया। फिर उसे भी मौत के घाट उतार दिया।