
लगातार दूसरे दिन बालको रेंज में हाथियों का झुंड घुस गया बस्ती में
कोरबा. हाथियों का झुंड दूसरे दिन भी बालको रेेंज के बेला गांव में घुस गया। बाड़ी में कोठे में बंधी एक मवेशी को हाथियों ने कुचल दिया। तो वहीं चार घरों को भी तोड़ दिया। रात में हाथियों की चिंघाड़ के साथ ग्रामीणों में भगदड़ जैसी स्थिति हो गई। किसी तरह ग्रामीणों ने अपनी जान बचाई।
कोरबा रेंज से 27 हाथियों का झुंड गुरूवार की शाम को बालको रेंज जा पहुंचा था। दो दिन तक झुंड जंगल में रहने के बाद शुक्रवार की भोर में झुंड बेला गांव में घुस गया था। जहां हाथियों ने कई मकानों को तोड़ डाला था। शनिवार की भी अलसुबह हाथियों का झुंड बेला गांव में घुस गया। जहां सबसे पहले हाथियों ने राजाराम कंवर के बाड़ी में बने कोठे में बांधे गए गाय को कुचल डाला। राजाराम का घर जंगल से लगा हुआ है।
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बाड़ी में हाथियों के आते ही परिवार दूसरी तरफ दरवाजे से निकलकर बस्ती के भीतर चला गया। इसके बाद हाथियों का झुंड आसपास के तीन अन्य मकानों को भी अपना निशाना बनाया। रामभरोसे, राजेश प्रसाद व मयुस टोप्पो के मकान को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। कई परिवार मकान में सो रहे थे। लेकिन आवाज सुनते ही सुरक्षित स्थान पर जा पहुंचे थे। हाथियों के हमले से मकान के दीवार तक ढह गए। सुखद पहलू रहा कि उसके नीचे कोई नहीं आया। लगभग आधे घंटे तक हाथियों का झुंड बस्ती में रहा। तब तक बस्ती के लोगों में आपाधापी मची रही।
27 मेंं से 10 हाथी अजगरबहार की ओर रवाना
इधर ग्रामीणों के लिए थोड़ी राहत जरूर है कि 27 हाथियों के झुंड में से 10 हाथी अलग होकर अजगरबहार की ओर रवाना हो गए हैं। गांव में घुसने के बाद यह झुंड अजगरबहार के रास्ते से होते हुए माचाडोली रेंज की ओर हमेशा चले जाते हैं। केन्दई के आसपास कुछ महीने रहने के बाद फिर ये वापस लौट आते हैं। झुंड में हाथियों की संख्या कम होने से गांव की तरफ रूख थोड़ा कम होने की संभावना है।
गणेश के साथ सात अन्य हाथी भी बेला और केशलपुर के पास पहुंचे
इधर दंतैल हाथी गणेश शुक्रवार की रात को कोरबा रेंज को पार करते हुए सोनगुढ़ा होते हुए बेला के समीप पहुंच गया है। तो वहीं सात अन्य हाथी भी केशलपुर के पास जा पहुंचे है। कोरबा रेंज में इस वक्त सिर्फ 5 हाथी बताती के जंगल में है। बालको रेंज के अन्र्तग्रत आने वाले एक दर्जन गांव के लिए परेशानी जरूर खड़ी हो गई है। दंतैल हाथी गणेश काफी आक्रमक है। ऐेसे में वन विभाग द्वारा भी गणेश पर खास तौर पर नजर रखी जा रही है।
-देररात हाथियों ने एक मवेशी को कुचल दिया था। तीन मकानों को भी नुकसान पहुंचाया है। झुंड में से 10 हाथी अजगरबहार से होते हुए दूसरी तरफ निकल गए हैं। जबकि अन्य हाथी अब बेला के आसपास जंगल में है। लगातार नजर बनाकर मुनादी कराई जा रही है।
-मोहम्मद फारूखी, रेंजर, बालको
Published on:
04 Aug 2018 06:30 pm
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