
BJP leader OP Chaudhary
कोरबा. आईएएस ऑफिसर (IAS Officer) से नेता बने ओपी (ओमप्रकाश) चौधरी के खिलाफ कोरबा पुलिस ने राज्य सरकार के विरुद्ध अशांति फैलाने का केस दर्ज किया है। ओपी चौधरी पर आरोप बेहद गंभीर और गैर जमानती है। केस दर्ज होने के बाद ओपी चौधरी (OP Chaudhary) की मुश्किलें बढ़ गई है। उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। युवा कांग्रेस नेता ने वायरल वीडियो के आधार पर थाने में अपराध दर्ज कराया है। इस वीडियो के आधार पर राज्य के विरुद्ध शांति भंग करने का आरोप लगाया है।
मामले की जानकारी देते हुए कोरबा एसपी भोजराम पटेल ने बताया कि इस साल 18 मई ओपी चौधरी ने अपनी फेसबुक से एक वीडियो ट्वीट किया था। इस वीडियो में सैकड़ों की संख्या में लोग खदान से कोयला चोरी करते दिखाई दे रहे थे। ओपी चौधरी ने दावा किया था कि यह वीडियो एसईसीएल की गेवरा दीपका खदान का है।
वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन के खिलाफ जनता का आक्रोश बढ़ गया था। इस वीडियो को स्थानीय विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भौगोलिक स्थिति के आधार पर छत्तीसगढ़ से बाहर का होना बताया था। इस मामले को लेकर युवा कांग्रेस के नेता मधुसूदन यादव ने बांकीमोंगरा थाना में एक शिकायत दर्ज कराई थी।
इसमें वीडियो को फर्जी होना बताकर पुलिस से संज्ञान लेने की मांग की गई थी। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद ओपी चौधरी के खिलाफ आईपीसी की धारा 505 (1) बी (राज्य सरकार के विरुद्ध अशांति फैलाने) का केस दर्ज किया गया है।
मैंने वायरल वीडियो को वायरल किया
इधर, ओपी चौधरी ने फेसबुक पर एक वीडियो अपलोड (Video upload) करके अपना पक्ष रखा है। इसमें कहा है कि कांग्रेस सरकार के इशारे पर मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है। मैंने जो वीडियो वायरल (Video viral) किया है, वह पहले से वायरल था। जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाता रहूंगा।
Published on:
11 Jun 2022 09:57 pm
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